प्यार के आगे छोटी हुई दूरियां, पहली करवाचौथ के लिए अंबाला से फ्लाइट लेकर कलकत्ता पहुंचेंगे डॉक्टर पति
अंबाला के एक नवदंपति ने अपनी पहली करवा चौथ को खास बनाने का फैसला किया है, जहां डॉक्टर पति अपनी ...और पढ़ें

पहली करवाचौथ के लिए अंबाला से फ्लाइट लेकर कलकत्ता पहुंचेंगे डॉक्टर पति (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
डॉक्टर पति अंबाला से कोलकाता पत्नी के लिए जाएंगे।
पहली करवा चौथ पत्नी के साथ मनाने का फैसला।
पत्नी की पढ़ाई का समर्थन, दूरियां बेमानी।
जागरण संवाददाता, अंबाला। डॉक्टर पत्नी की पढ़ाई भी बाधित ना हो और त्योहार का रंग भी पूरा चढ़ा रहे। ऐसा ही कुछ प्लान अंबाला के नव दंपत्ती ने करवाचौथ के व्रत को लेकर तैयार किया है। जिसमें डॉक्टर पति ही अंबाला से फ्लाइट लेकर कलकत्ता तक पहुंचेंगे, जहां करवा चौथ का व्रत खुलने तक पत्नी के साथ रहेंगे और वहां से वापस आकर ही अपनी ड्यूटी निभाएंगे।
डॉ.कुणाल सिंह सुल्लर ने बताया कि वह सदौपुर में डिपार्टमेंट कम्युनिटी मेडिसन में अस्सिटेंट प्रोफेसर हैं। उनकी शादी इसी साल 10 मई को हुई थी। उनकी पत्नी डॉ.अलका चौहान कलकत्ता के अपोलो अस्पताल में एमडी रेस्पिरेटरी मेडिसिन की पढ़ाई कर रही हैं। उनका आल इंडिया सरकारी कोटा में नंबर आ गया था।
जिसके बाद से कलकत्ता के अपोलो में एमडी में दाखिला ले लिया था। डा.कुणाल सिंह ने बताया कि उनकी जो छुट्टी बची हुई है, वह इस करवा चौथ पर छुट्टी लेकर कलकत्ता जाएंगे। जहां करवा चौथ मनाकर आएंगे और अपनी ड्यूटी ज्वाइन करेंगे।
पत्नी का था पढ़ाई में रूझान, दिया साथ
उनकी पत्नी का शादी के बाद पढ़ाई को लेकर काफी रूझान था। उनके विवाह का सफर तभी शुरू हुआ, जिसमें पत्नी ने कहा कि वह पढ़ना चाहती हैं। पत्नी के इस फैसले पर उनका परिवार भी राजी था।
उनके परिवार का पक्ष था कि यदि लड़की पढ़ना चाहती है तो उसका साथ देंगे। उन्होंने अपने स्तर पर उनका पढ़ाई को लेकर पूरा साथ दिया। विवाह के कुछ समय बाद से वह पढ़ाई कर रही हैं।
परिवार ने दोनों को समझा एक समान
उन्होंने बताया कि वह अपना करियर चुन रहे हैं और अपने कल्चर को मैनटेंन रखने के लिए समय निकाल रहे हैं।व्रत खुलने के बाद ही वापस आएंगे। उनके परिवार का उदेश्य है, जो पढ़ाई कर रहा है और समाज को कुछ दे रहा है, उसे प्रेरित करें।
इससे दूसरे परिवार भी प्रभावित होंगे कि दंपत्ती में कितना अधिक प्रेम है जो पढ़ाई को भी महत्व दे रहा है और कल्चर को भी पूरी तरह से निभा रहे हैं।उनकी माता जो करवा के त्योहार की तैयारी कर रही हैं, उन्हें अपने साथ लेकर जाएंगे। सभी को एक समान लेकर चलना है।उनके परिवार ने दोनों को एक समान समझा।
