30 मीटर दूर दिया नोटिस, बगल में बनती रही अवैध 3 मंजिला इमारत; अंबाला हादसा मामले में दागी अफसरों को बचाने की तैयारी
धूलकोट में इमारत ढहने के मामले में नगर निगम के अधिकारियों पर बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ है, जिन्होंने अवैध निर्माण को नजरअंदाज किया।

निर्माणाधीन बिल्डिंग को छोड़कर पड़ोस में थमा दिया था नोटिस, बचाने में जुटे अफसर।
HighLights
धूलकोट इमारत ढहने में नगर निगम की लापरवाही उजागर हुई।
अवैध इमारत को नजरअंदाज कर पड़ोस में नोटिस दिया गया।
अधिकारियों पर बैकडेटेड नोटिस जारी कर बचाने का आरोप।
जागरण संवाददाता, अंबाला शहर। धूलकोट में एक दिन पहले ढही बहुमंजिला इमारत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। नगर निगम के एमई ब्रांच की ओर से 3 अगस्त को इसी निर्माणाधीन बिल्डिंग से महज 30 मीटर की दूरी पर एक अवैध इमारत पर नगर निगम की टीम ने नोटिस दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि जिम्मेदार अफसरों को उस समय यह अवैध इमारत नजर नहीं आई।
बताया जा रहा है कि इस बारे में जब सोमवार को अधिकारियों ने जिम्मेदार अफसर से पूछताछ की तो उसने स्पष्ट कहा कि वह तीन अगस्त के बाद इस एरिया में कभी गया ही नहीं। दूसरी तरह इसी ब्रांच के जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने के लिए अब भवन मालिक को बैक डेट से नोटिस जारी करने की तैयार कर ली गई थी जबकि नगर निगम के कार्यालय में जाकर पता किया गया तो रिकॉर्ड में ऐसे कोई नोटिस भवन मालिक को अभी तक जारी नहीं किया था।
लेकिन अब किसी विशेष व्यक्ति को बचाने के लिए बैक डेट से नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली गई है। इस बारे में जब नगर निगम के अतिरिक्त उपायुक्त दीपक सूरा से जिम्मेदार अफसर को बचाने के लिए बैक डेट से नोटिस देने की तैयार के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने पहले जवाब देने में आनाकानी की फिर फोन कट कर दिया। इसके बाद फोन रिसीव नहीं किया।
इस इमारत की नहीं बनी थी प्रॉपर्टी आईडी
बताया जा रहा है कि इस इमारत की कोई प्रॉपर्टी आईडी भी नहीं बनी। यह जमीन अजय गर्ग से प्रीतम कौर ने खरीदी थी। लेकिन अजय गर्ग ने पूरी जमीन में से कुछ हिस्सा ही प्रीतम कौर को बेचा था। नियमानुसार इसकी अलग से प्रॉपर्टी आईडी बनाई जानी चाहिए थे लेकिन इसकी कोई प्रॉपर्टी आईडी ही नहीं बनी थी।
इसके बावजूद तीन मंजिला इमारत खड़ी हो गई और नगर निगम के जिम्मेदार अफसरों को 3 अगस्त को यहां पहुंचने के बावजूद 1200 वर्ग गज में निर्माणाधीन यह भवन नजर नहीं आया।
देखिए, इस मामले में जिसकी भी जो भी लापरवाही रही है उसके खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। जहां तक इस भवन से 30 मीटर दूरी पर 3 अगस्त को नोटिस देने की बात है तो यह मेरे संज्ञान में नहीं है।
इसकी व्यक्ति आईडी बनी है या नहीं यह जांच का विषय है लेकिन रकबे की आईडी जरूरी बनी है। उपायुक्त के द्वारा मुझे जांच अधिकारी लगाया गया है। मैं इस मामले की गहनता से जांच कर रहा हूं।
