अंबाला में 7 मौतों वाले धूलकोट भवन हादसे पर आयोग का सवाल- नक्शा पास था तो निर्माण अवैध कैसे?
मानवाधिकार आयोग ने अंबाला के धूलकोट में अवैध निर्माणाधीन भवन गिरने से हुई 7 मौतों के मामले में उपायुक्त, नगर निगम आयुक्त और पुलिस अधीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

हादसे वाली जगह से निर्माण सामग्री के नमूने लेती एसआईटी। -फाइल फोटो
HighLights
धूलकोट भवन हादसे में 7 लोगों की मौत हुई थी।
मानवाधिकार आयोग ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
भवन के नक्शे और अवैध निर्माण पर सवाल उठाए गए।
जागरण संवाददाता, अंबाला। धूलकोट में निर्माणाधीन तीन मंजिला अवैध भवन के गिरने से सात लोगों की मौत मामले में मानवाधिकार आयोग ने अंबाला के उपायुक्त, नगर निगम आयुक्त और पुलिस अधीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा के अनुसार संबंधित प्राधिकारियों की रिपोर्ट अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले आयोग को मिल जानी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी।
27 सितंबर को धूलकोट में निर्माणाधीन तीन मंजिला अवैध भवन ढह गया था। मलबे में कई श्रमिक दब गए थे। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी। 12 श्रमिक घायल हुए थे। घटना को लेकर अमनदीप सिंह भाटिया की शिकायत पर सुनवाई करते हुए हरियाणा मानवाधिकार आयोग के सदस्य (न्यायिक) कुलदीप जैन ने यह आदेश जारी किया।
आयोग ने नगर निगम आयुक्त से यह बताने को कहा है कि भवन का नक्शा सक्षम प्राधिकारी से विधिवत स्वीकृत था या नहीं। निर्माण स्वीकृत भवन योजना और लागू भवन उपविधियों के अनुसार हो रहा था या नहीं, इसकी भी रिपोर्ट मांगी गई है।
भवन मालिक, बिल्डर, ठेकेदार, वास्तुकार और संरचनात्मक अभियंता का विवरण मांगा गया है। हादसे से पहले निर्माण स्थल का सक्षम अधिकारियों ने कोई निरीक्षण किया था या नहीं। यदि निरीक्षण हुआ था तो उसकी रिपोर्ट क्या थी।
भवन को लेकर कोई नोटिस, उल्लंघन, ध्वस्तीकरण या अन्य कार्रवाई शुरू की गई थी या नहीं, इसका भी रिकार्ड देना होगा। आयोग ने स्वीकृत भवन योजना, निर्माण अनुमति, संबंधित एनओसी और निरीक्षण रिपोर्ट की प्रतियां भी मांगी हैं।
