AI कैमरों ने खोली मुन्नाभाइयों की पोल, CBT में एक-दूसरे की जगह बैठे; अंबाला में रनिंग टेस्ट देने पहुंचे तो हुए गिरफ्तार
रेलवे भर्ती में चार परीक्षार्थियों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा में एक-दूसरे की जगह बैठकर फर्जीवाड़ा किया। अंबाला कैंट में शारीरिक ...और पढ़ें
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AI कैमरों ने खोली मुन्नाभाइयों की पोल। फोटो जागरण
HighLights
चार परीक्षार्थियों ने रेलवे भर्ती परीक्षा में की थी धोखाधड़ी।
कंप्यूटर आधारित परीक्षा में एक-दूसरे की जगह बैठे थे आरोपी।
एआई कैमरों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा में पकड़ी चालाकी।
जागरण संवाददाता, अंबाला। रेलवे भर्ती में चयन हासिल करने के लिए चार परीक्षार्थियों ने ऐसा फर्जीवाड़ा किया कि एक-दूसरे की जगह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) तक दे डाली। सीबीटी में तो उनकी यह चालाकी पकड़ में नहीं आई, लेकिन जब भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शारीरिक दक्षता परीक्षा देने अंबाला कैंट रेलवे स्टेडियम पहुंचे तो एआइ कैमरों ने उनकी पोल खोल दी।
चेहरे और अभ्यर्थी के उपलब्ध डाटा का मिलान नहीं होने पर चारों संदिग्ध पकड़ में आ गए। प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें परीक्षा से अलग कर दिया गया। रेलवे की शिकायत पर पड़ाव थाना पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार आरोपितों की पहचान प्रह्लाद कुमार निवासी ग्राम संधा, पोस्ट नोमाजिला, जिला लखीसराय, बिहार, अनंत कुमार निवासी ग्राम यशवंतपुर, पोस्ट रूखई, थाना चंडी, जिला नालंदा, बिहार, उज्जवल कुमार निवासी ग्राम मंडिल, पोस्ट मंडिल, थाना पारसबिघा, जिला जहानाबाद, बिहार और गोलू निवासी ग्राम उसरी, थाना कोको, जिला जहानाबाद, बिहार के रूप में हुई है।
भर्ती प्रक्रिया में लगाए गए थे एआइ कैमरे
रेलवे स्टेडियम अंबाला कैंट में रेलवे भर्ती प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही थी। भर्ती प्रक्रिया में निजी एजेंसियों टीसीएस और टीटीआइपीएल का सहयोग लिया जा रहा था। फर्जीवाड़ा रोकने और अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा स्थल पर एआइ आधारित कैमरे लगाए गए थे।
जैसे ही अभ्यर्थी फिजिकल फिटनेस टेस्ट के लिए पहुंचे, कैमरों ने उनकी पहचान से संबंधित डाटा का मिलान शुरू किया। इसी दौरान चार अभ्यर्थियों के मामले में पहचान का मिलान नहीं हुआ। तकनीकी प्रणाली से मिले संकेत के बाद संबंधित अभ्यर्थियों की जांच की गई। प्रारंभिक स्तर पर ही मामला संदिग्ध पाए जाने पर चारों को अलग कर दिया गया।
सीबीटी में एक-दूसरे की जगह बैठे थे
जांच के दौरान जब चारों से पूछताछ की गई तो कथित तौर पर सीबीटी में किए गए फर्जीवाड़े का भी खुलासा हुआ। पूछताछ में प्रह्लाद कुमार ने बताया कि अनंत कुमार की सीबीटी परीक्षा उसने दी थी, जबकि उसकी जगह अनंत कुमार ने परीक्षा दी थी। इसी तरह उज्जवल कुमार की सीबीटी परीक्षा गोलू ने दी और गोलू की जगह उज्जवल कुमार परीक्षा में बैठा था।
इस तरह चारों ने आपस में एक-दूसरे की जगह सीबीटी देकर भर्ती प्रक्रिया के पहले चरण को पार करने का प्रयास किया। सीबीटी के दौरान उनकी यह अदला-बदली पकड़ में नहीं आ सकी। इसके बाद जब भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में उन्हें वास्तविक अभ्यर्थी के तौर पर शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया तो एआइ आधारित पहचान प्रणाली ने उनके फर्जीवाड़े को पकड़ लिया।
तकनीक के सामने नहीं चली चालाकी
चारों अभ्यर्थियों ने सीबीटी में पहचान छिपाकर भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन फिजिकल फिटनेस टेस्ट के दौरान लगाए गए एआइ कैमरों ने उनकी चालाकी पर पानी फेर दिया। परीक्षा स्थल पर अभ्यर्थी की पहचान और उपलब्ध डाटा के मिलान की व्यवस्था होने के कारण एक-दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी तकनीक की नजर से बच नहीं सके।
रेलवे की ओर से मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। शिकायत के आधार पर पड़ाव थाना पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सीबीटी परीक्षा में पहचान बदलकर परीक्षा देने की पूरी योजना कैसे तैयार की गई और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। भर्ती प्रक्रिया में इस तरह के फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
