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डिजिटल होगी किसान की पहचान, अंबाला में गांव-गांव पहुंचेगी एग्रीस्टैक की टीम; आसानी से मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

Published: Sat, 22 Aug 2026 04:03 PM (IST)

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन की समीक्षा की, जिसके बाद अंबाला प्रशासन ने ...और पढ़ें

एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन की समीक्षा की गई (जागरण)

 एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन की समीक्षा की गई (जागरण)

HighLights

  1. मुख्यमंत्री ने एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा की

  2. अंबाला में किसानों के डिजिटल पंजीकरण में तेजी लाने के निर्देश

  3. राजस्व रिकॉर्ड डिजिटलीकरण, ऑटो म्यूटेशन से प्रक्रिया सुगम होगी

जागरण संवाददाता, अंबाला। खेत में खड़ी फसल का ब्योरा हो या किसान की सरकारी योजनाओं तक पहुंच, आने वाले समय में कई सेवाएं डिजिटल पहचान से जुड़ने जा रही हैं।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन, डिजिटल क्राप सर्वे और आटो म्यूटेशन की समीक्षा की। इसके बाद अंबाला में प्रशासन ने गांव-वार लक्ष्य तय कर रजिस्ट्रेशन की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए।

वीसी के बाद जिला परिषद के सीईओ गगनदीप ने अधिकारियों की बैठक लेकर कहा कि किसानों को फार्मर आइडी और एग्रीस्टैक के फायदे समझाकर अधिक से अधिक पंजीकरण कराया जाए। जिन गांव में रजिस्ट्रेशन धीमा है, वहां विशेष अभियान चलाकर काम तेज करने को कहा गया।

कागज से डिजिटल रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा राजस्व तंत्र

डिजिटल क्राप सर्वे और आटो म्यूटेशन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को डेटा सत्यापन और डिजिटाइजेशन में तेजी लाने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश दिए गए।

ऑटो म्यूटेशन से जमीन के लेनदेन के बाद राजस्व रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने का लक्ष्य है, जबकि डिजिटल क्राप सर्वे से फसल संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज होगी। प्रशासन का जोर अब केवल लक्ष्य पूरा करने पर नहीं, बल्कि फील्ड में आने वाली दिक्कतों को समय रहते दूर करने पर भी है। अधिकारियों को नियमित प्रगति रिपोर्ट अपडेट करने और गांव-वार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।