जागरण संवाददाता अंबाला: अंबाला छावनी से डेयरियां शिफ्ट को लेकर तमाम प्रयास किये जा रहे हैं। मगर नगर परिषद को डेयरियों को शिफ्ट करने के लिए 22 एकड़ जमीन तक नहीं मिल पा रही है। कई स्थानों पर भूमि का चिन्हित किया गया, लेकिन अधिकारियों को पर्याप्त जगह नहीं मिल पाई। ऐसे में डेयरियों को शिफ्ट करने वाला प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में है। जबकि अंबाला जिले में करीब पांच डेयरियां संचालित है। इसमें एक बड़ी डेयरी अंबाला के रामबाग रोड पर है।

अंबाला छावनी में डेयरियां लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। डेयरियों से निकलने वाला मलबा भी नालियों में बहाया जा रहा है। कुछ इलाकों में मलबे से नाले भी चौक हो गए है। पानी की निकासी भी नहीं हो पा रही है। रामबाग रोड का तो हार काफी बुरा है। यहां पर तमाम डेयरियां हैं। डेयरियों में सुबह-शाम का मलबा खुले में ही फेंका दिया जाता है। साथ ही गोबर को नाले में बहाया जा रहा है। अब नाले भी चौक होने लगे है। उधर, क्षेत्रवासियों ने डेयरियों की बड़ी समस्या को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों को पत्र देकर शिकायत भी की, लेकिन अभी तक इनको बाहर शिफ्ट नहीं किया गया। उगाड़ा-बाड़ा में पहले डेयरियों को शिफ्ट करने का प्लान तैयार किया गया था। मगर यहां पर आर्मी की लैंड होने के चलते प्रोजेक्ट धड़ाम हो गया। उधर, डेयरी संचालकों ने भी डेयरियों को दूर ले जाने के लिए मना कर दिया था। नगर परिषद के अधिकारियों ने डेयरियों के लिए ब्रहामण रामराज पर जमीन देखी, लेकिन यहां पर 22 एकड़ जमीन पर्याप्त जगह नहीं मिली। अब दूसरी जगह की तलाश की जा रही है।

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घरों में भी चल रही डेयरियां

छावनी में रामबाग रोड पर एक बड़ी डेयरी है, जबकि पूरे जिले में करीब 5 डेयरियां संचालित है। इसके अलावा भी लोग घरों में डेयरियों का संचालन कर रहे है। इन डेयरियों से निकलने वाला मलबा नाले और नालियों में बहाया जा रहा है, जिससे लोगों को तमाम तरह की परेशानी उठानी पड़ती है।

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फोटो-26

22 एकड़ जमीन मिले तो बने बात : ईओ

नगर परिषद अंबाला छावनी के ईओ विनोद नेहरा का कहना है कि हमें मॉडर्न डेयरी बनाने के लिए करीब 22 एकड़ जमीन चाहिए। एक-दो जगह जमीन देखी गई, लेकिन बात नहीं बनी। अगर जमीन मिले तो ले आउट तैयार कर बजट बनाया जाए।

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