जागरण संवाददाता, अंबाला : अवैध कालोनियों को वैध कर दिया गया है, लेकिन नगर परिषद और नगर निगम के अधिकारी विकास शुल्क के नाम पर लोगों से लाखों रुपये अतिरिक्त वसूल कर चुके हैं। राज्य सरकार की नोटिफिकेशन का उल्लंघन हो रहा है। सन 2013-14 में रिहायशी प्लॉट पर जहां 50 रुपये प्रति वर्ग गज पर कामर्शियल पर दो सौ रुपये प्रति वर्गगज वसूल करने का नियम है, जबकि रिहायशी प्लॉट पर 120 रुपये प्रति वर्ग गज कामर्शियल पर 450 रुपये प्रति वर्ग गज वसूले जा रहे हैं। सितंबर, 2019 में नगर निगम भंग कर छावनी में नगर परिषद बना दी गई, लेकिन शुल्क निगम का वसूल किया जा रहा है। इसको लेकर सूचना अधिकार के तहत इनेलो के पूर्व शहरी प्रधान ओंकार सिंह जानकारी मांगी, लेकिन नगर परिषद ने नोटिफिकेशन नहीं दी, जबकि वेबसाइड पर नोटिफिकेशन उपलब्ध है। इसके बावजूद अतिरिक्त वसूली जारी है।

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इस तरह होती अतिरिक्त वसूली

जिस कालोनियों को वैध किया गया, उसकी एनओसी में नगर परिषद और शहर में नगर निगम जारी करता है। यदि किसी को रजिस्ट्री करानी है, तो पहले एनओसी लेना अनिवार्य है। नगर परिषद में रिहायशी प्लाट के 120 रुपये प्रति वर्ग गज, जबकि कमर्शियल प्लाट के 450 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से फीस सालों से ली जा रही है। यह कालोनियां सन 2013-14 में नियमित की गई थी। उनका नोटिफिकेशन तक जारी हो चुकी है। रिहायशी क्षेत्र के लिए 75 रुपये और कमर्शियल प्लॉट पर 250 रुपये प्रति गज वसूल किए जा रहे हैं।

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जुर्माने के बावजूद नहीं दी नोटिफिकेशन प्रतिलिपि ओंकार सिंह ने कहा कि नगर परिषद के ईओ पर 25 हजार का जुर्माना लग चुका है, इसके बावजूद नोटिफिकेशन की प्रतिलिपि नहीं दी जा रही। सरकारी अधिकारी नोटिफिकेशन देते ही फंस जाएंगे, इसलिए वे मामले को दबा रहे हैं। पिछले चार सालों से लाखों रुपयों की वसूली की जा चुकी है, जो गैर कानूनी है। नगर परिषद को नोटिफिकेशन के तहत राशि वसूल करनी चाहिए और जो अतिरिक्त वसूल की जा चुकी है वह लोगों को लौटानी चाहिए।

Posted By: Jagran

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