जागरण संवाददाता, अंबाला शहर

माता-पिता की गैरहाजिरी में घर में घुसकर मुख्य दरवाजे की कुंडी लगाकर छेड़खानी करने के मामले में अतिरिक्त जिला सेशन जज रजनीश बंसल की अदालत ने दोषी को तीन साल की सजा सुना दी है। इसके साथ ही दोषी को छह हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने आरोपित को विगत दिन पहले ही दोषी करार दे दिया था।

महेश नगर थाना क्षेत्र में एक महिला ने पुलिस को 16 अगस्त 2018 में शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि उसके पति मेहनत मजदूरी करते हैं और वह घरेलू काम करती है। उसके पास दो लड़कियां और एक लड़का है। उसकी बड़ी बेटी 17 साल 11 माह की थी और कालेज में पढ़ाई कर रही थी। वह रोजाना ऑटो में सवार होकर पढ़ने जाती थी। 7 अगस्त 18 को उसकी बेटी घर में ही रहकर पढ़ाई कर रही थी। वह खुद पशुओं का चारा लेने चली गई थी और पति मजदूरी करने गए थे।

शिकायतकर्ता में उसने बताया कि इस दौरान सपेड़ा का रहने वाला आकाश उनके घर आ गया। उसने घर के मेन दरवाजे की अंदर से कुंडी बंद करके उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की। इसी दौरान उसके पति घर पर आ गए, जिन्होंने आरोपित को डराकर घर से भगाया। उसकी बेटी बहुत डर गई, जिसने डर के कारण तालाब में छलांग लगा दी।

पीड़िता की मां ने शिकायत में कहा कि आरोपित से उसकी बेटी की जान को खतरा है। पुलिस ने शिकायत पर आरोपित के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। इसके बाद मामला अदालत में विचाराधीन हो गया। मामले में अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष में बहस हुई। 12 लोगों की गवाहियां हुई।

अदालत ने दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर आकाश को दोषी करार दे दिया था। अदालत ने सजा के लिये 17 फरवरी का दिन निर्धारित कर दिया था। आज अदालत ने दोषी को धारा 8 में तीन साल, पांच हजार जुर्माना और धारा 452 में तीन साल, एक हजार रुपये जुर्माना सुनाया। इसके बाद अदालत ने दोषी को जमानत दे दी।

Posted By: Jagran

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