जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : जिला के चर्चित तीन ब्लाइंड मामलों को सुलझाने पर एसपी अभिषेक जोरवाल ने प्रेसवार्ता कर मुलाजिमों की पीठ थपथपाई है। साथ ही कर्मचारियों को सम्मानित करने की बात कही है। हालांकि तीनों मामले एक से दो माह के भीतर हुए, लेकिन पुलिस ने इसी माह के एक सप्ताह के अंदर सुलझाया है। भाई ही निकाला भाई का हत्यारा

केस नंबर एक: गांव नगला जट्टान निवासी शेर सिंह ने एक फरवरी को थाना साहा में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 31 जनवरी को किसी अज्ञात ने हरमीत सिंह उर्फ मीत की हत्या कर दी। इसके बाद टीम का गठन कर कार्रवाई शुरू हो गई। इसमें 11 फरवरी को पुलिस ने पटियाला गांव चुमारू निवासी गुरुदेव सिंह, साहा के गांव हल्दरी निवासी श्याम लाल, देवी लाल व गांव नगला जट्टान निवासी विरेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया। उस दौरान पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि मृतक हरमीत सिंह का सगा भाई वीरेंद्र भी हत्या में शामिल था। उन्होंने बताया कि हरमीत के देवीलाल की पत्नी के साथ अवैध संबंध थे, इसलिए देवीलाल उससे रंजिश रखता था।इसके बाद आरोपितों ने योजनाबद्ध तरीके से 31 जनवरी को हरमीत की हत्या कर दी थी। फिलहाल पुलिस ने आरोपितों को पांच दिन का पुलिस रिमांड लिया है। दोस्तों ने उतारा दोस्त को मौत के घाट

केस नंबर दो : गांव बोह निवासी दलीप सिंह ने थाना महेश नगर में 31 जनवरी को शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसका बेटा शरणजीत सिंह 27 जनवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसके बाद एसआईटी की टीम गठित करने के बाद मामले की जिम्मेदारी सीआईए वन को सौंपी गई थी। टीम को 31 जनवरी को बाइपास मानकपुर रोड पर क्षतविक्षत हालत में एक शव बरामद हुआ। शव की पहचान न होने के कारण उसका दाह संस्कार कर दिया गया। वहीं एसआईटी ने गुमशुदगी के मामले में 13 फरवरी को कैंट की तेली मंडी निवासी मनीष उर्फ गोलू, शाहबाद खजूर वाली गली निवासी जरनैल सिंह व शाहाबाद की ही अत्री कॉलोनी निवासी सर्वजीत सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपितों ने शरणजीत की गाड़ी बेचने के लालच में 27 जनवरी को जरनैल सिंह के घर पर शरणजीत को शराब पिलाई उसके बाद उसकी हत्या कर दी। और उसकी गाड़ी को मेरठ ले जाकर 22 हजार रुपये में बेच दिया था। आरोपितों ने शरणजीत सिंह की लाश को मानकपुर रोड पर कच्ची जगह में फैंक दिया था व पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। फिलहाल पुलिस ने आरोपितों को कोर्ट में पेश किया जहां उसे उनका चार दिन का पुलिस रिमांड मिला है। प्रॉपर्टी विवाद ने भेजा जेल

केस नंबर तीन : छह दिसंबर की रात को दो बाइक सवारों ने ग्रैंड होटल के मालिक राजेश आहलुवालिया पर जानलेवा हमला कर उसे मौत की घाट उतारने के लिए उनपर गोली चलाई गई थी। जोकि उनकी खोपड़ी से टच होकर निकल गई, जिसमें वह बुरी तरह से घायल हो गए थे। इसके बाद सीआईए वन टीम ने तफ्तीश कर पूर्व विधायक मास्टर शिव प्रसाद के बेटे अनिल कुमार, रोहित चावला उर्फ मोनू, जितेंद्र व देवेंद्र को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया था कि उन्होंने आहलुवालिया को मारने के लिए लुधियाना के सुपारी किलर व गैंगस्टर सुखविद्र सिंह उर्फ मोनी को सुपारी थी जोकि लुधियाना की गिरफ्त में है जिसे पुलिस अब प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी।

Posted By: Jagran

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