जागरण संवाददाता, अंबाला : एयरफोर्स के एमईएस में इलेक्ट्रीशियन प्रेमलाल रात आठ बजे से पुलिस कंट्रोल सौ नंबर पर खुद को बचाने के लिए मदद मांगता रहा। हर बार फोन करने पर पुलिस जल्द ही पहुंच रही है का जवाब मिलता रहा। अपने सरकारी आवास नंबर 58/4 एमएल लाइन के पड़ोसी के घर में रात 12 बजे तक शरण ली, फिर भी पुलिस के नहीं पहुंचने पर वह निकल पड़ा। शायद पुलिस उच्चाधिकारियों तक अपनी फरियाद लेकर निकला था। रास्ते में संदिग्ध परिस्थिति में उसका शव मिला। अब मृतक की बेटी बॉक्सिंग कोच पूनम शर्मा ने एक महिला पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए गृहमंत्री अनिल विज से मिलकर मामले की जांच कराने की मांग की। गृहमंत्री ने मौके पर उपस्थित एसएचओ कैंट को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

एमईएस का इलेक्ट्रीशियन प्रेमलाल अपने समय में बॉक्सिंग का कोच था। प्रेमलाल की पोस्टिग एयरफोर्स के एमईएस में इलेक्ट्रीशियन के तौर पर हुई और वह एमएल लाइन के मकान नंबर 58/4 में रहता था। समय के साथ वह धीरे धीरे दिव्यांग होता गया, इधर कुछ दिनों से उसके शरीर का 70 फीसदी हिस्सा काम करना बंद कर दिया था। कुछ दिनों पहले वह एक घर का काम करने के लिए एक कामवाली को लेकर आया, जिसका कालोनी में आसपास रहने वालों ने विरोध भी किया। धीरे-धीरे कामवाली उसके घर पर रहने लगी। इसके बाद प्रेमलाल और कामवाली के बीच किसी न किसी बात को लेकर आए दिन नोकझोंक होती रहती थी। इसी तरह सोमवार की रात करीब आठ बजे दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहसबाजी शुरू हो गई। फिर प्रेमलाल को घर से मारपीट कर निकाल दिया गया। दिव्यांग प्रेमलाल पुलिस हेल्प लाइन नंबर सौ पर मदद की गुहार लगाता रहा। जब भी प्रेमलाल फोन कर मदद मांगता उधर से जवाब मिलता था कि पुलिस जल्द ही आपकी मदद के लिए पहुंच रही है। करीब चार घंटे तक पुलिस के नहीं पहुंचने पर वह अपने तिपहिया वाहन पर निकल पड़ा। उसका शव कालीपलटन पुल के निकट बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने की कार्रवाई में जुट गई।

उधर, प्रेमलाल की बेटी बॉक्सिंग कोच अपने पिता के शव के पास पहुंची और फफककर रोने लगी। इतने में नागरिक अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे गृह मंत्री अनिल विज से मिली और पूरी घटना बताई। गृहमंत्री ने वहां उपस्थित कैंट एसएचओ विजय कुमार को मामले की जांच करने का जिम्मा सौंपा।

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मृतक प्रेमलाल का सीडीआर खोलेगी सौ की पोल

एयरफोर्स के एमईएस इलेक्ट्रीशियन प्रेमलाल अपने मोबाइल से रात 8 बजे से हेल्पलाइन नंबर सौ पर मदद की गुहार लगाता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उसने अपने इसी मोबाइल नंबर से करीब दस बार मदद करने के लिए सौ नंबर पर डायल किया। अगर एसएचओ कैंट विजय कुमार की जांच में मृतक के मोबाइल का सीडीआर शामिल हुआ तो पुलिस कंट्रोल सौ नंबर की तत्परता की पोल खुल जाएगी।

वर्जन

अभी लालकुर्ती पुलिस शव का पोस्टमार्टम करा रही है। उसके परिजनों से बातचीत करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले की गंभीरता से जांच कर बनती कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

- विजय कुमार, एसएचओ अंबाला कैंट।

Posted By: Jagran

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