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जागरण संवाददाता, अंबाला : रेलवे स्टेशन छावनी के सामने बने ओवरब्रिज के नीचे से बसों की सवारियों को टैक्सी से चंडीगढ़ लेकर जाने का धंधा खूब चल रहा है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के अधिकारी जहां इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं वहीं रोडवेज ने घाटा होते देख कर ऐसे टैक्सी चालकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जो ओवरब्रिज के नीचे से सवारियों को बैठा कर ले जा रहे हैं।

रविवार को छुट्टी के दिन रोडवेज के इंस्पेक्टर की टीम ओवरब्रिज के नीचे डटी रहीं। करीब पांच टैक्सी चालकों को पकड़ा गया है जो बसों की सवारियों को अपने साथ लेकर जा रहे थे। दोपहर को जब रोडवेज इंस्पेक्टर ने एक टैक्सी चालक को पकड़ा तो उसमें से एक सवारी ने इंस्पेक्टर को बोला कि टैक्सी चालक उसका मामा है। इसीलिए वह उन्हें उसके साथ जाने से नहीं रोक सकते। जब रोडवेज इंस्पेक्टर ने सख्ती दिखाई दी तो सभी सवारियों को नीचे उतारा। इसके बाद सवारियों से उनका किराया पूछा गया तो जवाब मिला कि उनसे 100 रुपये में सौदा हुआ था। रोडवेज इंस्पेक्टर ने सवारियों से कहा कि चंडीगढ़ का किराया 100 नहीं, बल्कि 60 रुपये है। इसीलिए वह रोडवेज की बस से जाएं। इसके बाद सभी को बस में बैठाकर चंडीगढ़ के लिए रवाना कर दिया गया।

Posted By: Jagran

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