अंबाला बिल्डिंग हादसे में 15 घंटे चला रेस्क्यू, 6 की मौत; 8 लाख में सौदा करने आए दो लोगों की हुई धुनाई
अंबाला के धूलकोट में निर्माणाधीन इमारत गिरने से छह लोगों की मौत के बाद परिजनों ने एफआईआर में नामजदगी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया।

अंबाला इमारत ढहने पर परिजनों का हंगामा, गिरफ्तारी की मांग पर अड़े, शव लेने से इनकार
HighLights
निर्माणाधीन इमारत गिरने से छह लोगों की दर्दनाक मौत।
परिजनों ने एफआईआर में नामजदगी और गिरफ्तारी की मांग की।
सीएम ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की।
जागरण संवाददाता, अंबाला शहर। धूलकोट स्थित वीटा कालोनी में 1200 गज में निर्माणाधीन तीन मंजिला कामर्शियल इमारत गिरने के मामले में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। पुलिस ने जग्गी बिल्डर्स, ठेकेदार श्रीपाल राणा, जमीन मालिक और अन्य पर केस दर्ज किया। इसकी कापी सुबह मृतकों के स्वजनों को नहीं दी गई।
स्वजनों ने एफआइआर में किसी को नामजद नहीं करने पर विरोध शुरू कर दिया और कहा कि आरोपितों की गिरफ्तारी होने तक वे शव नहीं लेंगे और हाईवे जाम करेंगे। नागरिक अस्पताल में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। शाम पौने सात बजे समझाने के बाद पांचवें शव का पोस्टमार्टम हुआ।
छठे मृतक लाल बहादुर उर्फ शास्त्री के स्वजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए। मृतकों में तीन राजमिस्री, एक सुपरवाइजर और दो श्रमिक हैं। रविवार को पौने तीन बजे से शुरू हुआ रेस्क्यू आपरेशन सोमवार सुबह करीब छह बजे तक चला।
सुबह करीब साढ़े 11 बजे स्वजन ट्रामा सेंटर के बाहर धरने पर बैठ गए। एसपी अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि मामले की जांच के लिए एएसपी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआइटी गठित की गई है। टीम में डीएसपी और इंस्पेक्टर भी शामिल किए गए हैं।
सीएम ने पांच लाख और विनोद शर्मा ने की एक-एक लाख देने की घोषणा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मृतकों के स्वजन को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। जिला अस्पताल में पहुंचे पूर्व मंत्री विनोद शर्मा ने एक-एक लाख और घायलों के स्वजनों को 25-25 हजार रुपये देने का ऐलान किया।
घायल के बयान दर्ज, आठ लाख में सौदा करने के आरोप, दो पीटे
उपचाराधीन घायल वेदप्रकाश के पिता रामनाथ ने कहा कि उनके बेटे वेदप्रकाश के बयान मनमर्जी से दर्ज कर दिए गए। उसका बेटा जो कह रहा था पुलिस ने उसे सुना ही नहीं।
उधर दोपहर करीब ढाई बजे आठ लाख रुपये लेकर मृतकों के स्वजनों को चुप करवाने का प्रयास किया गया तो स्वजनों ने दो आरोपितों को मौके पर पकड़कर पिटाई कर दी। पुलिस ने बीचबचाव किया। अस्पताल की चौकी में दोनों को ले गए। लाल बहादुर शास्त्री के स्वजन रामराखा ने कहा कि उन्हें आठ लाख रुपये का आफर किया गया था।
