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अहमदाबाद, जेएनएन। गुजरात में यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले पुलिस कर्मचारियों की भी अब खैर नहीं है। पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा ने कहा है कि नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करवाने में तब मुश्किलें आती हैं, जब पुलिसकर्मी वर्दी में नियमों का उल्‍लंघन करते हैं। वाहन चालकों के साथ विभाग के ऐसे कर्मचारियों की भी सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी।

राज्‍य के पुलिस महानिेदेशक शिवानंद झा ने एक पत्र जारी कर कहा कि राज्‍य के सभी जिला, तहसील के पुलिस लाइन, थाने व पुलिस विभाग के दफ़तरों पर एक अभियान चलाकर पुलिसकर्मियों को यातायात नियमों के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा। साथ ही, उन्हें इनकी पर्याप्‍त जानकारी भी दी जाएगी। झा ने यह पत्र मंगलवार को ही राज्‍य के मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी की ओर से राज्‍य के लिए मोटर व्‍हीकल एक्‍ट के नियमों की घोषणा के तुरंत बाद जारी किया गया। राज्‍य में सोशल मीडिया पर कई वीडियों व फोटो शेयर कर लोग पुलिस विभाग की मजाक उड़ाते हैं कि लोगों को यातायात नियमों की अवहेलना पर भारी जुर्माना भरना पड़ता है, लेकिन पुलिसकर्मी खुले आम नियमों की धजिज्‍यां उडाते हैं।

पुलिस महानिदेशक झा ने पत्र में कहा है कि कई पुलिस अधिकारी व कर्मचारी यातायात नियम वर्दी में होने के बावजूद तोड़ते हैं। इससे पुलिस विभाग की बदनामी होती है। साथ ही, जनता को यातायात नियमों का पालन कराना भी मुश्किल होता है। झा ने स्‍पष्‍ट किया है कि पुलिस अधिकारी व कर्मचारी को भी राज्‍य सरकार के नए मोटर वाहन कानून का पालन करना होगा। पुलिस विभाग, पुलिस लाइन, पुलिस थाने, पुलिस चौकी व पुलिस भवनों पर अचानक जांच करेगा। सुपरवाइजर के जरिए ऐसे पुलिसकर्मियों की निगरानी करेगा, जो यातायात नियमों की अवेलना करते हैं। 

गुजरात सरकार ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना घटाया
गुजरात सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम-2019 की 50 धाराओं में संशोधन करते हुए जुर्माने की राशि 50 फीसद तक घटा दी है। नई जुर्माना राशि 16 सितंबर से प्रभावी होगी। साथ ही, राज्य सरकार ने वाहनों की रफ्तार भी निर्धारित कर दी है। गांवों में यह 50, शहर में 60 और महानगरों में 70 किमी प्रति घंटा होगी।

मुख्यमंत्री विजय jtपानी ने मंगलवार को बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के कारण हर साल हजारों निर्दोष लोगों को जान गंवानी पड़ती है। केंद्र सरकार ने हाल ही में मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन करते हुए भारी भरकम जुर्माना राशि घोषिष की थी, लेकिन राज्य सरकार ने अपने अधिकार का उपयोग करते हुए जुर्माना राशि में संशोधन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क पर तेज रफ्तार, खतरनाक ढंग से और नशे में वाहन चलाने पर 1,500 से लेकर 5,000 रुपये तक जुर्माना भरना पड़ेगा। वाहन चलाते वक्त ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल), प्रदूषषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (पीयूसी), पंजीकरण प्रमाण-पत्र (आरसी) नहीं होने और मोबाइल पर बात करने जैसे अपराध के लिए जुर्माना राशि केंद्र के समान 500 रुपये ही रखी गई है, लेकिन बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाने पर जुर्माना राशि 1,000 से घटाकर 500 रुपये कर दी गई है। हालांकि दूसरी बार पकड़े जाने पर जुर्माना राशि 1,000 रुपये ही रखी गई है।

गलत तरीके से और यातायात में बाधा उत्पन्न करते हुए पार्किंग और शीशों पर डार्क फिल्म चढ़ाने पर भी 500 रुपये का जुर्माना लगेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय कानून में दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठने की अनुमति नहीं है, लेकिन राज्य सरकार इसमें सख्ती नहीं बरतेगी। साथ ही, केंद्रीय कानून में दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट अनिवार्य है, लेकिन इस मामले में भी राज्य सरकार सख्ती नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि डिजी लॉकर मान्य होगा। साथ ही वाहन चालक 15 दिन में कभी भी दस्तावेज दिखाकर जुर्माना राशि से बच सकेंगे।

जुर्माना राशियों में बदलाव
अपराध - केंद्रीय कानून - गुजरात सरकार - पहले जुर्माना
ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होना - 5,000 - 2,000-3,000 - 500
बिना हेलमेट - 1,000 - 500 - 100
बिना पीयूसी - 5,000-10,000 - 500-5,000 - 5,000
डेंजर व रांग ड्राइविंग - 5000-10000 - 1,500-5,000 
एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड को साइड नहीं देना - 10,000 - 1,000 - 100
रोड रेस, स्पीड ट्रायल - 5,000-10,000 - 5000 - 500
ओवरलोडिंग - 20,000 - 1,000-4,000 - 1,000

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Posted By: Sachin Mishra

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