अहमदाबाद, जेएनएन। पीएनडीटी प्रसूति पूर्व निदान तकनीक को लेकर गुजरात हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए सोनोग्राफी व लिंग परीक्षण जांच संबंधी मशीन रखने वाले स्त्री रोग विशेषज्ञों के लिए प्रशिक्षण व परीक्षा अनिवार्य किया है।

गुजरात उच्च न्यायालय में स्त्री भ्रूण परीक्षण संबंधी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने गुजरात में प्रेक्टिस कर रहे सभी स्त्री रोग विशेषज्ञों खासकर जो सोनोग्राफी व लिंग परीक्षण की जांच से जुड़े हैं के लिए एक प्रशिक्षण तथा परीक्षा अनिवार्य कर दिया है। महिला पुरुषों की संख्या में बढ़ रहे अंतर व गर्भ में बालिका भ्रूण की रक्षा के लिए अदालत ने यह व्यवस्था दी है।

स्त्री रोग विशेषज्ञों की ओर से दलील दी गई कि जब एक बार परीक्षा उत्तीर्ण करके वे ये प्रेक्टिस कर रहे हैं, फिर से किसी प्रशिक्षण व परीक्षा की क्यों आवश्यकता है लेकिन अदालत ने मानवीय कारणों को आगे रखते हुए उनकी दलील अस्वीकार कर दी।  

Posted By: Sachin Mishra