अहमदाबाद, जेएनएन। Lockdown. गुजरात में वैश्विक कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन जारी है। इस कारण राजगीरी करने वाले, बढ़ईगिरी, मिट्टी का काम करने वाले आदिवासी समाज के छोटे-मोटे व्यवसायियों के लिए सरकार पैकेज की घोषणा करे। गुजरात विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धानाणी ने यह मांग की है। इस बारे में उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को पत्र लिखा है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धानाणी ने अपने पत्र में लिखा है कि कोरोना की बीमारी के कारण दैनिक मजदूरी कर अपना गुजर बसर करने वाले श्रमिकों को अपने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे समय आदिवासी परिवार संकट से गुजर रहा है। राज्य सरकार उनके लिए विशेष पैकेज की घोषणा करे।

धानाणी ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के लिए आरक्षित ट्रायबल सब प्लान का धन अन्य योजनाओं पर खर्च कर दिया जाता है। अब ऐसे संकट के समय यह रकम आदिवासियों के कल्याण पर ही खर्च होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मनरेगा में सरकार 100 दिन के साथ ही 100 दिन का रोजगार देकर श्रमिकों को अग्रिम अदायगी करना चाहिए। आदिवासी समाज के बालकों को मिलनेवाली स्कॉलरशिप तथा अन्य वित्तीय सहायता एडवांस में ही अदा कर देना चाहिए। जंगल की जमीन पर खेती करने वाले आदिवासियों को वन विभाग से हो रही परेशानी को भी समाप्त किया जाये। उनके परिवार को अन्न सुरक्षा कानून के तहत तीन महीने का राशन दिया जाए।

विधानसभा में विपक्ष के नेता ने मांग की है कि निर्माण कार्य क्षेत्र में सरकार द्वारा वसूला गया 2800 करोड़ रुपये आदिवासियों के कल्याण पर खर्च की जाए। उन्होने कहा कि आदिवासी समाज के लोग भी निर्माण कार्य से जुड़े हैं, इसलिए यह रकम उनके स्वास्थ्य, भोजन सहित अन्य जरूरतों पर खर्च की जाए। 

गौरतलब है कि गुजरात में शनिवार तक कोरोना संक्रमितों की संख्‍या 3071 हो गई, जबकि मृतकों की संख्‍या 133 पर पहुंच गई है। बीते चौबीस घंटे में 256 केस सामने आए, जबकि छह लोगों की मौत हुई। अकेले अहमदाबाद में 182 नए केस के साथ अब कोरोना संक्रमितों की संख्‍या 2003 पहुंच गई है। सूरत में 496, वडोदरा में 230 , राजकोट व आणंद में 41:41 तथा भावनगर में 40 कोरोना संक्रमित हो गए।

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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