अहमदाबाद, जेएनएन। गुजरात में पिछले चार दिन से मानसून पूरी तरह सक्रिय है। अहमदाबाद, वड़ोदरा, वलसाड़ नवसारी राजकोट, सूरत सहित विविध शहरों में भारी बारिश हो रही है। वडोदरा में बुधवार को केवल छह घंटे में 10 इंच बारिश होने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों गुजरात में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

बीते चौबीस घंटे में राज्य की 140 तहसीलों में बारिश हुई है। मध्य गुजरात के वड़ोदरा शहर में बुधवार दोपहर 12 बजे से छह बजे के दौरान केवल छह घंटे में रिकार्ड 10 इंच बारिश हुई है। यहां जिसके कारण पूरा शहर टापू में तब्दील हो गया है। विश्वामित्री नदी खतरे की निशान से उपर बह रही है। वाघोडिया में बारिश के कारण चार किलोमीटर तक जाम लग गया । वहीं एमजी रोड. मांडवी-गेडीगेड रोड, वाडी टावर, पानीगेट, रावपुरा, दांडिया बाजार रोड, टीबी अस्पताल, लक्ष्मीनगर-2 रुपल पार्क, नवनाथ नगर में बारिश के कारण सैकड़ों सोसायटियों में पानी घुस गया है। बारिश के चलते सैकड़ो पेड़ भी धराशायी हो गए।

अहमदाबाद में भी दोपहर बाद भारी बारिश से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां दो घंटे में तीन इंच बारिश होने से तमाम अंडरपास बंद कर दिए गए। यहां भारी बारिश के कारण साबरमती नदी उफना गई है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के मुताबिक, बुधवार शाम छह बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान वड़ोदरा में सर्वाधिक 11 इंच, वलसाड़ में पांच इंच, राजकोट में सात इंच, अमरेली में छह इंच, सूरत में तीन इंच, अहमदाबाद में तीन इंच, गांधीनगर में तीन इंच, दहेगाम में तीन इंच, आणंद में तीन इंच व साणंद में तीन इंच बारिश हुई है।

दक्षिण गुजरात व सौराष्ट्र में पिछले दो दिनों से जारी भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई गांवों में बिजली गुल हो गई है। हजारों लोगों को दूसरी जगह भेजा गया है। बारिश के कारण रेल, हवाई यातायात बाधित हुआ है। राज्य सरकार ने भारी बारिश के मद्देनजर तमाम अधिकारियों छुट्टी रद कर दी है। संवेदनशील इलाकों में एनडीआरपी की 15 टीमों को तैनात कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश में कम दबाव के चलते गुजरात में भारी बारिश हो रही है। सौराष्ट्र के राजकोट जिले में पिछले 24 घंटो में सबसे अधिक 10 इंच बारिश हुई है। यहां बारिश के चलते लोगों को घरों दो-दो फुट पानी भर गया है। सभी अंडरपास भी बंद कर दिए गए हैं। जामनगर- देव भूमि द्वारका जिले में भी 10 इंच बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है। दक्षिण गुजरात के वलसाड में नौ इंच बारिश होने से ओरंग नदी उफान पर है। डांग में भारी बारिश के चलते 11 कोजवे पानी बह जाने से 19 गांवों का संपर्क टूट गया है। नवसारी में भी बारिश के चलते अंबिका, पूर्णा, खरेरा, बंगणी व कावेरी नदी उफान पर हैं। नदी के किनारे वाले गांवों को प्रशासन ने खाली करने के आदेश दिए हैं। सूरत के गणदेवी में समुद्र में मछली पकड़ने गए मछुआरे की नाव पलट गई, जिसमें तीन लोगो बचा लिया गया और  दो लोग लापता हो गए।

मौसम विभाग के निदेशक जयंत सरकार ने बताया कि गुजरात में अभी तक 40 फीसद बारिश हुई है। अगले में पांच दिनों में यहां भारी बारिश की संभावना है। विशेष कर सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में इसका प्रभाव अधिक देखने को मिलेगा। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई। बारिश के कारण राज्य के 50 से अधिक जलाशय लबालब हो गए हैं।

तापी नदी में प्रतिदिन 53500 क्यूसेक पानी की आवक
दक्षिण गुजरात में हो रही भारी बारिश के कारण तापी नदी में प्रतिदिन 53500 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। मध्य प्रेदश में नर्मदा केचमेन्ट क्षेत्र में हुई बारिश के चलते सरदार सरोवर डेम में 9500 क्यूसेक पानी की आवक हुई है। सौराष्ट्र में भारी बारिश के कारण कई डेम हाईअलर्ट पर है। राजिय में 58 लाख हेक्टेयर में बुआई की गई ।

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Posted By: Sachin Mishra

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