वडोदरा। धार रियासत की महारानी मृणालिनी राजे पवार (83) का गुरुवार रात 2 बजे वडोदरा में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थीं। पिछले दिनों मुंबई स्थित अस्पताल में उनका इलाज भी चला था। निधन की सूचना मिलते ही धार से लोग वडोदरा रवाना हो गए। वहीं के कीर्ति मंदिर में महारानी का अंतिम संस्कार किया जाएगा। मृणालिनी देवी वडोदरा रियासत की राजकुमारी थीं। धार रियासत के राजा आनंदराव पवार से उनकी शादी 1949 में हुई। शादी के एक साल बाद 1950 में वे वडोदरा चली गईं। अधिकतर समय वहीं रही।

महाराजा के 1980 में निधन के बाद नियमित रूप से धार आने लगीं। वे वडोदरा की एमएस यूनिवर्सिटी की चांसलर थीं। उनकी कोई संतान नहीं है। धार में जमीन, भवन समेत बड़े क्षेत्रफल में संपत्तिहै। संपत्तिके उत्ताराधिकारी के बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। महारानी ने महिलाओं के लिए एनजीओ को मदद की। उनके नाम से धार में निजी स्कूल भी संचालित है। पिछले चुनाव में महारानी की भाभी शुभांगिनी राजे गायकवाड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावक रहीं।