वडोदरा। वडोदरा जिले के वडताल स्थित स्वामीनारायण संप्रदाय का वडताल मंदिर जल्द ही स्वर्ण मंदिर के रूप में ख्याति प्राप्त कर लेगा। हाल ही में मंदिर के सभी 6 दरवाजों पर सोना मढ़ा गया है, जिसमें 8 किलो सोने व 80 किलो चांदी का उपयोग किया गया। श्री स्वामीनारायण गुरुकुल भूमेल परिवार एवं वड़ताल मंदिर के योगदान से ये द्वार तैयार करवाए गए हैं। अब मंदिर के तीनों शिखरों पर सोना मढऩे का काम चल रहा है। यह काम भी आगामी तीन-चार महीनों में पूरा हो जाने की संभावना है। इस तरह स्वामीनारायण संप्रदाय का यह पहला स्वर्ण मंदिर होगा।

वडताल में स्थित 1822 में निर्मित, यह स्वामी नारायण संप्रदाय का पहला मंदिर है जिसे ब्रिटिश काल में स्वामी आदिनाथ के द्वारा बनवाया गया था। इस मंदिर को बर्मी टीक की लकड़ी से बनाया गया था। इस पर की गई नक्काशी बेहद खूबसूरत है और कई धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख की गई आकृतियों को यहां उकेरने की कोशिश की गई थी और उनमें सुंदर रंग भी भरे गए थे।