अहमदाबाद, शत्रुघ्न शर्मा। महानगर में यातायात समस्या के लिए आवारा पशुओं व ऑटो को जिम्मेदार बताते हुए गुजरात पुलिस ने उच्च न्यायालय के समक्ष कहा कि मालिकों के नाम से पशुओं को टैग लगाया जाएगा। साथ ही, ऑटो चालकों में जागरूकता के लिए अभियान चलाएंगे।

यातायात व पार्किंग समस्याओं को लेकर गुजरात उच्च न्यायालय में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने बताया कि आवारा पशुओं को मालिकों के नाम से टैग लगाया जाएगा, जिससे भविष्य में यातायात में अवरोध पैदा करने वाले पशुओं के मालिकों से जुर्माना वसूला जा सके। महानगर में दौड़ रहे करीब दो लाख ऑटो को भी यातायात समस्या का मूल कारण बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस जल्द ही ऑटो चालकों में यातायात जागरुकता के लिए अभियान चलाया जाएगा।

न्यायाधीश एमआर शाह व न्यायाधीश एवाई कोकजे की खंडपीठ ने राज्य सरकार, पुलिस व महानगर पालिका से शहरवासियों के लिए यातायात को सुगम बनाने के लिए किए गए कामों की जानकारी देने को कहा। अदालत ने कहा कि सड़क व रास्ते जनता के लिए होते हैं ना कि आवारा जानवरों के लिए। महाधिवक्ता त्रिवेदी ने बताया कि महानगर पालिका ने 25 पार्किंग बनाए हैं। इसके अलावा 48 नई पार्किंग की जगह चिन्हित की गई है, पांच स्थलों पर मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा की जाएगी। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुगम व चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा। अदालत ने महा नगर पालिका व पुलिस से कहा कि आगामी 20 साल को ध्यान में रखते हुए शहर में यातायात व पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएं। महानगर पालिका ने जब अदालत के समक्ष कहा कि आवारा पशुओं को पकड़ने वाली टीमों पर लोग हमला करते हैं तो अदालत ने कहा कि ऐसे लोगों की धरपकड़ करने के लिए अपने अधिकारों का उपयोग करना चाहिए।

हाईकोर्ट ने खुद जनता से अपील की है कि शहरों में यातायात व पार्किंग की व्यवस्था को बनाए रखने में वह मनपा व पुलिस का सहयोग करें। इससे पहले राज्यसरकार ने अदालत को बताया कि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कलेक्टर, मनपा आयुक्त व पुलिस आयुक्तों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए चर्चा कर उन्हें अहमदाबाद में अवैध अतिक्रमण, आवारा पशु व यातायात-पार्किंग सुविधा के लिए चलाए जा रहे अभियान की तरह काम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आम नागरिकों को हो रही तकलीफ से बचाया जा सके।  

Posted By: Sachin Mishra