अहमदाबाद, जेएनएन। गुजरात के मूूंगफली घोटाले में एक नया मोड़ तब आ गया, जब नाफेड के अध्यक्ष वाघजी बोडा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। भाजपा अध्यक्ष जीतू वाघाणी ने अब इस घोटाले का सारा दोष कांग्रेस पर मंढते हुए कहा कि कहीं कांग्रेस को बचाने के लिए यह इस्तीफा नहीं हुआ। उधर, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने स्पष्ट किया कि दोषी कांग्रेस के हों या भाजपा के बखशे नहीं जाएंगे।

सौराष्ट्र मोरबी के टंकारा गांव में कांग्रेस के सम्मेलन में नेशनल एग्रीकल्चरल कॉअापरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन नाफेड के अध्यक्ष वाघजी बोडा ने मूंगफली घोटाला के लिए सीधे मुख्यमंत्री विजय रूपाणी व कृषि मंत्री आरसी फलदू पर आरोप लगाए थे, जिसके बाद राजनीति गरमा गई। बोडा ने बुधवार को गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावडा को एक पत्र भेजकर अपना इस्तीफा सौंप दिया।

बोडा ने कहा कि नाफेड एक राष्ट्रीय संस्था है, इसलिए वह एक पार्टी से जुड़कर संस्था की प्रमाणिकता को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते। मुख्यमंत्री रूपाणी व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बोडा के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस के सम्मेलन में बोडा का बयान आपत्तिजनक है, लेकिन भाजपा अध्यक्ष वाघाणी ने बुधवार को बोडा के बहाने कांग्रेस को ही भ्रष्टाचार में लिप्त बताते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में कई भ्रष्टाचार हुए।

कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावडा का कहना है कि राज्य में 23 साल से व केंद्र में 4 साल से भाजपा का शासन है। पुलिस से लेकर सीबीआई तक उनके अधीन है। मूंगफली घोटाले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को जेल भेजना चाहिए। कांग्रेस ने इसे 4 हजार करोड़ का घोटाला बताते हुए हाईकोर्ट के जज से इसकी जांच कराने की मांग रखी है।

राज्य में बीते एक माह से 4 हजार करोड़ की मूंगफली खरीद में घोटाले की गूंज है। गोदामों में रखी मूंगफली के बोरों से मिट्टी व पतथर निकल रहे हैं। वहीं, कई गोदामों में आग की घटनाएं भी शंका के दायरे में है। पुलिस ने गुजरात स्टेट कॉअापरेटिव कॉटन फेडरेशन लिमिटेड गुजकोट के प्रबंधक मगन झालावाडिया के बैंक खातों में करोड़ों का लेन देन पकड़ा है। इस बीच, नाफेड, गुजकोट तथा वेयर हाउस के अधिकारियों ने बुधवार को पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराए।

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने आरोप लगाया है कि वाघजी भाई गुजरात सरकार में मंत्री जयेश रादडिया के साथ राजकोट जिला सहकारी बैंक में निदेशक हैं, मोरबी मार्केट यार्ड में उनका बेटा भाजपा पदाधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। भाजपा नेताओं से उनकी करीबी है इसलिए भाजपा नेता गरजने के बजाए इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कराएं।

Posted By: Sachin Mishra