अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। Gujarat High Court. गुजरात हाईकोर्ट ने दुष्‍कर्म के एक मामले में आरोपित की जमानत याचिका ऑनलाइन स्‍वीकार करने के साथ वॉट्सएप पर नोटिस भेजा है।

मोरबी की एक स्‍थानीय अदालत ने सिरामिक फैक्‍ट्री के ठेकेदार जयसुख बावरवा को दुष्‍कर्म के आरोप में जेल भेज दिया था। पीड़िता अनुसूचित जाति की होने से आरोपित के खिलाफ एट्रोसिटी एक्‍ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। साथ ही, इस मामले में पीड़िता की अश्‍लील फोटो व वीडियो क्लिप वायरल करने के लिए उसके एक दोस्‍त को भी आरोपित बनाया गया है।

आरोपित के वकील आशीष डगली ने हाईकोर्ट में दो दिन पहले ऑनलाइन जमानत याचिका दाखिल की थी, जिस पर न्‍यायाधीश एके कोगजे ने सुनवाई के बाद पीड़िता को वॉट्सएप पर याचिका के संदर्भ में नोटिस भेजने की मंजूरी दी है। इस मामले की सुनवाई आगामी छह मई को होगी। 

गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से गुजरात में स्थिति खराब हो रही है। राज्य में शुक्रवार को 191 नए मामले मिले हैं और 15 लोगों की मौत हुई है। राज्य में संक्रमितों का आंकड़ा 2,815 हो गया है और अब तक 127 लोगों की जान भी जा चुकी है।

वहीं, कोरोना महामारी के चलते लगे लॉकडाउन में गुजरात सहित अन्य प्रांतों में जिले के हजारों श्रमिक अब भी फंसे हैं। शुक्रवार को गुजरात में निड़याद के एक शिविर में रह रहे आलीराजपुर के जमनिया फलिया मथवाड़ निवासी युवक ललिया पिता नारसिंह निवासी की मौत हो गई है। स्वजन का कहना है कि काम के लिए गुजरात गया युवक रोजी-रोटी छिन जाने के बाद कि सी भी तरह अपने घर आना चाहता था। परिवहन के साधन ना होने से वहीं उसे शिविर में रहना पड़ रहा था। इस चिंता में उसकी जान चली गई। मौत का कारण फिलहाल साफ नहीं हो पाया है। शव को गुजरात प्रशासन की मदद से मथवाड़ लाया जा रहा है। यहीं अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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