अहमदाबाद, जेएनएन। गुजरात के कांग्रेस विधायकों ने वीरवार को बलराम महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद बनासकांठा जिले के पालनपुर में बंदरों और कुत्तों को खाना खिलाया। पार्टी के 69 विधायक एक दिन के 'शिविर' के लिए बलराम पैलेस रिज़ॉर्ट में हैं।

अमित शाह के पहुंचते ही कांग्रेस विधायकों ने गांधीनगर छोड़ा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दो दिनी गुजरात यात्रा पर पहुंचते ही कांग्रेस अपने विधायकों को लेकर पालनपुर (बनासकांठा जिला) पहुंच गई। यहां के बलराम पैलेस में इन्हें ठहराया गया है। माना जा रहा है कि पांच जुलाई को होने वाले राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग और विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते पार्टी ने यह कदम उठाया है। शुक्रवार को यह विधायक सीधे मतदान केंद्र पर पहुंचेंगे।

नेता विपक्ष परेश धनाणी विधायकों को बस से पालनपुर के बालाराम पैलेस के लिए निकले। कांग्रेस के चीफ व्हिप अश्विन कोटवाल ने बताया कि कांग्रेस के करीब 50 विधायक पालनपुर गए हैं। यहां राज्यसभा का मॉक चुनाव कराकर विधायकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि कोई गलती नहीं हो। जहां तक विधायक धवल सिंह झाला की बात हैं तो वे पार्टी के साथ हैं। उनसे फोन पर बात हुई है। बालाराम आलीशान पैलेस है, जहां पर कई फिल्म और धारावाहिकों की भी शूटिंग हो चुकी है।

अल्पेश बोले, कांग्रेस को विधायकों पर भरोसा नहीं

कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे चुके विधायक अल्पेश ठाकोर का कहना है कि प्रशिक्षण अहमदाबाद में भी हो सकता था। कांग्रेस को विधायकों पर भरोसा नहीं है इसीलिए बाहर लेकर गई है। अल्पेश ने कहा कि उन्हें नहीं बुलाया गया और वे नहीं जा रहे हैं। उनके साथी विधायक धवल सिंह झाला ने कहा कि वे भी नहीं जा रहे हैं, उन्हें भी इसके लिए कोई आमंत्रण नहीं मिला है। इसके अलावा कांग्रेस विधायक ललित वसोया, ललित कगथरा, चंदन ठाकोर, अनिल जोशीयारा, हर्षद रिबडिया, गयासुद्दीन शेख भी पालनपुर नहीं गए हैं। गयासुद्दीन ने बताया कि अहमदाबाद में गुरुवार को जगन्नाथ भगवान की रथयात्रा है और वे हर साल इसमें सेवा कार्य करते हैं।

दोनों राज्यसभा सीटें भाजपा के खाते में जाना तय

गुजरात की दो राज्यसभा सीटों के लिए पांच जुलाई को चुनाव होना है। चूंकि दोनों सीटों पर चुनाव अलग-अलग होना है, इसलिए संख्या बल के हिसाब से दोनों सीटों पर भाजपा की जीत तय मानी जा रही है। अगस्त 2017 के राज्यसभा चुनाव से पहले भी कांग्रेस विधायकों को खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए उन्हें बेंगलुरु लेकर गई थी। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गत राज्यसभा चुनाव के दौरान गुजरात कांग्रेस के प्रभारी थे, यह उनकी रणनीति का ही हिस्सा था। माना जाता है कि अगर ऐसा नहीं किया जाता तो शायद अहमद पटेल राज्यसभा चुनाव नहीं जीत पाते। पटेल केवल एक वोट से चुनाव जीते थे।

Posted By: Sachin Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस