अहमदाबाद, प्रेट्र/जेएनएन। गुजरात की एक अदालत ने सोमवार को राज्य के पूर्व विधायक के पुत्र समेत छह लोगों को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। 2016 में अहमदाबाद के बाहरी इलाके में स्थित एक फैक्ट्री से 1364 किलो इफेड्राइन पकड़ने के मामले में अदालत ने सभी को दोषी पाया है।

अतिरिक्त जिला जज आरपीएस राघव ने पाटन जिले से पूर्व विधायक रहे भवसिंह राठौड़ के पुत्र किशोर सिंह राठौड़, नरेंद्र कच्छा, मनोज जैन, पुनीत सिंघी, जय मुखी और भरत सिंह काठिया को एनडीपीएस अधिनियम के तहत 10 साल जेल की सजा सुनाई। कोर्ट ने प्रत्येक पर दो-दो लाख का जुर्माना भी लगाया है। दरअसल, गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्त (एटीएस) और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने अप्रैल 2016 में इफेड्राइन की खेप पकड़ी थी और कच्छा को गिरफ्तार किया था।

अभियोजन के मुताबिक किशोर सिंह राठौड़ ने कच्छा को पार्टी ड्रग्स (मेथाम्फेटामाइन) बनाने के लिए रखा था। अभियोजन ने कोर्ट को बताया कि सिंघी, जैन और मुखी के साथ मिलकर किशोर ड्रग्स रैकेट चलता था। सिंघी, जैन और मुखी को महाराष्ट्र की ठाणे पुलिस ने सोलापुर में एक कारखाने से बड़ी मात्रा में इफेड्राइन जब्ती के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।

किशोर सिंह राठौड़ महीनों पुलिस से भागता रहा और अंत में एटीएस ने उसे जनवरी 2017 में राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित चंबल क्षेत्र से उसे गिरफ्तार किया। किशोर के पिता भवसिंह राठौड़ 2007 में गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर जीते थे, लेकिन 2009 का लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा लेकर वह भाजपा में शामिल हो गए थे। हालांकि उन्हें इसमें कामयाबी नहीं मिली थी।

मुख्य आरोपित किशोर सिंह को चंबल से किया था गिरफ्तार

घटना के बाद सभी आरोपित भूमिगत हो गए थे। पुलिस ने सिलसिलेवार सभी सभी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने किशोर सिंह राठोड़ को पकड़ने के लिए सभी राज्यों की पुलिस को आदेश दिये थे। इसके अलावा किशोर सिंह का सुराग देनेवालों को इनाम देने की भी घोषणा की थी। गुजरात एटीएस को किशोर सिंह के चंबल में छिपे होने की गुप्च सूचना मिली थी। जिसके बाद एटीएस की टीम ने वर्ष 2017 में जनवरी में सर्च कर मध्य प्रदेश के चंबल के जंगलों से किशोर सिंह को गिरफ्तार किया था।

आरोपित के पित भावसिंह कांग्रेस से रहे चुके है विधायक

इस केस के मुख्य आरोपित किशोर सिंह के पिता भावसिंह राठोड कांग्रेस की टिकट पर वर्ष 2007 में पाटन विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था और जीत गए थे। इसके बाद वर्ष 2009 में उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा ने उन्हें लोकसभा चुनाव 2009 में टिकट दिया था लेकिन वे हार गए थे।

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Posted By: Sachin Mishra

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