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अहमदाबाद, जेएनएन। गुजरात के थानगढ़ में एक बार फिर दलितों पर हमला करने का मामला सामने आया है। आपसी रंजिश में तीन लोगों ने दो दलित युवकों पर हमला कर गोली मार दी, जिसमें एक की मौत हो गई और दूसरे की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतक के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया था। हालांकि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, तब जाकर परिजनों शव स्वीकार किया है।

बुधवार रात थानगढ़ के मफतीयापरा इलाके में नरेश दिनुभाई धाधल सहित अन्य दो शख्सों ने दलित युवक प्रकाश कांतीभाई परमार (32) व उसके चाचा सुरेश देवजीभाई परमार पर हमला कर दिया था। इस दौरान एक हमलावर युवक ने दलित युवक प्रकाश व उसके सुरेश परमार को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को उपाचर के लिए राजकोट सिविल अस्पताल मे ले जाया गया, जहां प्रकाश की मौत हो गई और उसके चाचा सुरेशभाई परमार की हालत नाजुक है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के उच्चाधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि अपशी रंजिश के चलते दलित युवकों पर हमला किया गया। अस्पताल के बाहर भारी संख्या में दलित समाज एकत्रित हो गए थे। मृतक के परिजनों ने शव लेने इनकार कर दिया था। तीन आरोपियों में से दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मृतक के परिजनों ने शव स्वीकार किया है। हालांकि अभी भी पुरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल है। जिसके चलते यहां पुलिस का कड़ा बंदोबस्त किया गया है।

दलित समुदाय के लोगों की मांग है कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और मृतक के परिजनों को सरकार से मुआवजा तथा जमीन और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।  

गौरतलब है कि 21 सितंबर, 2012 में भी सुरेन्द्रनगर के थानगढ़ में दलित और भरवाड़ समाज के बीच घर्षण हुआ था। इस दौरान पुलिस फायरिंग में तीन दलित युवकों की मौत हो गई थी। दलितों ने पुलिस आधिकारियों पर जान-बूचकर गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया था। इसके बाद गुजरात सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक एसआइटी का गठन किया था। अभी जांच रिपोर्ट नहीं पेश की गई है कि फिर इस प्रकार की वारदात हुई है।

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Posted By: Sachin Mishra

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