गुजरात: राजकोट में आहीर सेना आयोजित गरबा में परंपरागत वेशभूषा व गहनों में सजी धजी महिलाएं
गांधीनगर के रुपाल गांव में वरदायिनी माता पल्ली महोत्सव में लाखों लीटर घी का अभिषेक हुआ, जिसे जरूरतमंदों ने प्रसाद के रूप में एकत्र किया।

गरबा में परंपरागत वेशभूषा व गहनों में सजी धजी महिलाएं।
HighLights
रुपाल गांव में वरदायिनी माता पल्ली महोत्सव आयोजित।
लाखों लीटर घी का अभिषेक, जरूरतमंदों ने किया उपयोग।
राजकोट गरबा में 900 किलो सोने के गहनों में महिलाएं।
राज्य ब्यूरो, गांधीनगर। गुजरात की राजधानी गांधीनगर के रुपाल गांव में वरदायिनी माता का पल्ली महोत्सव आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने महोत्सव में पहुंचकर माताजी की आरती की। वरदायिनी माता की शोभायात्रा में करोड़ो रुपये के लाखों लीटर घी से अभिषेक किया जाता है इससे पूरे गांव में घी की नदियां बहती है।
आसपास के गांवों के जरुरतमंद परिवार के लोग इस घी को प्रसाद के रुप में एकत्र कर वर्ष भर उपयोग करते हैं, गत वर्ष करोड़ों रुपये के घी का अभिषेक किया गया था।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल रुपाल गांव में पल्ली महोत्सव में पहुंचकर नवरात्री के अंतिम दिन वरदायिनी माता की आरती कर प्रदेश के लोगों को रामनवमी व विजयादशमी की बधाई दी। मुख्यमंत्री माताजी की यात्रा के बाद कहा कि नवरात्री आसूरी शक्तियों पर देवी शक्ति की विजय का पर्व है, विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
पल्ली महोत्सव की सुरक्षा के लिए पुलिस के 500 तथा होमगार्ड के 300 जवान तैनात किये गये। देर रात्रि वरदायिनी माता की पल्ली पर लाखों लीटर घी का अभिषेक किया गया। महोत्सव के दौरान रुपाल गांव में घी की नदियां बह गई, आसपास के गांवों के जरुरतमंद लोग इस घी को एकत्र कर वर्ष भर इसका उपयोग करते हैं।
एक मान्यता है कि पांडव काल में गुप्तवास के दौरान पांडवों ने इस महोत्सव की शुरुआत की थी। मां वरदायिनी ने पांडवों को आशीर्वाद किया था कि वे सत्य बोलते हुए भी पहचाने नहीं जाएंगे।
900 किलो सोने के गहनों से सजी-धजी महिलाओं ने किया गरबा
गुजरात के राजकोट में अहीर सेना की ओर से आयोजित गरबा महोत्सव में 7000 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा एवं करीब 900 किलो के गहनों में सज धज कर रास एवं गरबा किया।

राजकोट के न्यू रिंग रोड पर स्थित एक पार्टी प्लॉट में अहीर समाज की ओर से दुर्गा अष्टमी की पूर्व संध्या पर रास एवं गरबा का आयोजन किया गया था 7000 से अधिक महिलाओं ने इसमें भाग लिया गरबा महोत्सव में सबसे आकर्षक का केंद्र रहा महिलाओं की ओर से पहने गए पारंपरिक सोने के गहने जिनका वजन करीब 900 किलो बताया जा रहा है।
सौराष्ट्र में आहीर, मेर, जडेजा समाज की महिलाओं में भारी वजन के नौलखा जैसे हारी पहनने की परंपरा है। इसके अलावा हाथ व बाजूबंद के कड़े कमर में पैरों में भी सोने चांदी के गहने पहनती हैं।
