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गुजरात: गाड़ियों पर सवार, हाथों में तलवार... राजकोट में नवरात्र पर क्षत्रिय महिलाओं का शौर्य प्रदर्शन

Published: Tue, 13 Oct 2026 11:17 AM (IST)

राजकोट में नवरात्रि के दौरान रणजीत विलास पैलेस में क्षत्रिय महिलाओं ने गाड़ियों पर सवार होकर अनोखा तलवार रास प्रस्तुत किया।

HighLights

  1. राजकोट में क्षत्रिय महिलाओं ने किया तलवार रास प्रदर्शन।

  2. गाड़ियों पर सवार होकर दी अनूठी प्रस्तुति।

  3. एक महीने के कड़े प्रशिक्षण के बाद हुआ आयोजन।

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात के राजकोट में इस समय शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी उपलक्ष्य में राजकोट के पैलेस रोड स्थित ऐतिहासिक रणजीत विलास पैलेस में 'नवरात्रि रासोत्सव 2026' के तहत भगिनी सेवा फाउंडेशन द्वारा विशेष तलवार रास का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में क्षत्रिय समाज की 150 से अधिक बेटियों और महिलाओं ने हिस्सा लिया और तलवार रास पेश किया। इस रास की सबसे खास बात रही कि महिलाओं ने टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर गाड़ियों पर सवार होकर तलवार रास की अनूठी प्रस्तुति दी और मां भगवती की आराधना की।

Kshatriya women display their valor in Rajkot

राजकोट स्टेट की रानी साहिबा कादम्बरी देवी जी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वाहनों पर सवार होकर तलवार रास प्रस्तुत करना देखने में भले ही आसान लगता है, लेकिन इसके पीछे कड़ी मेहनत होती है। इस प्रस्तुति के लिए क्षत्रिय समाज की बेटियां और महिलाएं पिछले एक महीने से लगातार कड़ा प्रशिक्षण ले रही थीं।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है उपलब्धि

गौरतलब है कि क्षत्रिय महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला यह अनूठा तलवार रास पहले गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी अपना नाम दर्ज करा चुका है।

भगिनी फाउंडेशन से जुड़ी महिलाएं और युवतियां पिछले 19 वर्षों से इसी तरह तलवार रास के जरिए मां शक्ति की वंदना करती आ रही हैं।

Presented the grand sword Raas

रानी कादम्बरी देवी जी ने आगे कहा कि क्षत्रिय हमेशा से मां भगवती के उपासक रहे हैं। मां भगवती को शस्त्र अत्यंत प्रिय हैं और वे शस्त्रों के माध्यम से ही दुष्टों का संहार करती हैं।

इसलिए क्षत्रिय समाज की महिलाएं और बेटियां भी शस्त्र के जरिए ही मां की आराधना करती हैं। रणजीत विलास पैलेस में आयोजित इस भव्य उत्सव में तलवार रास के साथ-साथ पारंपरिक दीवा रास और थाली रास की भी मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।

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