कांग्रेस में शामिल होने से पहले ही वाघेला ने चला दांव, पटेल-ब्राह्मण और बनिया युवाओं पर दिया विवादित बयान
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने कांग्रेस में शामिल होने से पहले पटेल, ब्राह्मण व बनिया युवाओं पर विवादित बयान दिया।

कांग्रेस में शामिल होने से पहले ही वाघेला ने चला दांव।
HighLights
वाघेला ने पटेल, ब्राह्मण, बनिया युवाओं पर विवादित बयान दिया।
मैला उठाने पर 50 हजार रुपये महीना दिलाने की बात कही।
भाजपा नेता यज्ञेश दवे ने वाघेला के बयान पर पलटवार किया।
शत्रुघ्न शर्मा, अहमदाबाद। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने कांग्रेस में शामिल होने से पहले ही राजनीतिक पैंतरेबाजी शुरू कर दी है। पटेल, ब्राह्मण व बनिया समाज के युवा मेल उठाने का काम करें तो उन्हें 50 हजार रुपए महीना दिलाने की बात कही।
भाजपा नेता एवं उद्यमी यज्ञेश दवे ने पलटवार करते हुए कहा कि वाघेला को वे इस काम के पांच लाख देने को तैयार हैं।
गुजरात प्रदेश कांग्रेस की ओर से आदिवासी बहुल नर्मदा जिले के सागवाड़ा में एक सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी कांग्रेस विधायक अनंत पटेल समेत अन्य कई आदिवासी व दलित नेता शामिल हुए थे।
दलितों को साधने के लिए ब्राह्मण, बनिया और पटेलों पर विवादित बयान
वाघेला ने कांग्रेस में शामिल होने से पहले ही पार्टी के वोट बैंक माने जाने वाले आदिवासी व दलितों को साधने के लिए ब्राह्मण, बनिया और पटेल को आड़े हाथ लिया। वाघेला ने कहा कि ब्राह्मण, बनिया और पटेल युवक मैला उठाएं तो उन्हें हर महीने 50 हजार रुपए दे सकते हैं।
बापू के इस बयान पर सम्मेलन में खूब तालियां पड़ी और कांग्रेस नेताओं ने भी उनको वाह वाह किया। राजनीति की जानकारों की माने तो वाघेला ने कांग्रेस में शामिल होने से पहले ही सोची समझी रणनीति के तहत कांग्रेस के वोट बैंक को खुश करने का प्रयास किया है।
यज्ञेश दवे ने वाघेला पर पलटवार
वर्ष 2017 में वाघेला के कांग्रेस छोड़ने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के सहयोगी रहे ब्राह्मण नेता यज्ञेश दवे ने वाघेला पर पलटवार किया है। गुजरात राज्य ब्रह्म समाज के प्रमुख संयोजक दवे ने कहा कि वाघेला उनके घर का मेला उठाने को तैयार हूं तो उन्हें हर महीने 5 लख रुपए देने को तैयार है।

वाघेला को इस तरह की राजनीति नहीं करनी चाहिए- यज्ञेश दवे
उन्होंने कहा कि वाघेला को इस तरह की राजनीति नहीं करनी चाहिए। आप किसी राजनीतिक दल में जाना चाहते हैं इसलिए किसी समाज के बारे में भला बुरा कहना और अपमानित करना अनुचित है।
वहीं गुजरात सरकार में कैबिनेट मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि वाघेला ने आरक्षण का विरोध कर रहा है सवर्ण समाज को आदिवासियों की तरह जीवन बिताने की चुनौती दी। अपने बयान के पक्ष में उन्होंने कहा कि वर्षों के संघर्ष के बाद इस वर्ग को आरक्षण मिला है इसका विरोध उचित नहीं है।
मैला उठाने की प्रथा वर्षों पहले खत्म हो चुकी- ऋषिकेश पटेल
उन्होंने कहा कि वाघेला कुछ भी बोल सकते हैं, वैसे राज्य में मैला उठाने की प्रथा वर्षों पहले खत्म हो चुकी है। वाघेला तो राज्य से शराबबंदी भी हटाने की बात करते हैं।
