नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल की याचिका पर नए सिरे से विचार करने को कहा है। कांग्रेस नेता ने राज्यसभा में अपने निर्वाचन के खिलाफ भाजपा नेता बलवंत सिंह राजपूत की ओर से दायर याचिका की योग्यता को चुनौती दी थी।

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि भाजपा नेता राजपूत की याचिका के विरुद्ध पटेल की अर्जी पर नए सिरे से विचार करने की जरूरत है।

पिछले वर्ष राजपूत को पराजित कर अहमद पटेल राज्यसभा के लिए चुने गए। राजपूत कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। चुनाव आयोग ने कांग्रेस के विद्रोही विधायकों भोला भाई गोहिल और राघव भाई पटेल के मत को निरस्त कर दिया था। इसके बाद पटेल विजयी घोषित किए गए।

पटेल के निर्वाचित होने के बाद राजपूत ने हाई कोर्ट में चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि इन दोनों मतों की गिनती की जाती तो वह पटेल को पराजित कर देते। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि पटेल विधायकों को बेंगलुरु में रिजॉर्ट में ले गए थे, जहां मतदाताओं को रिश्वत दी गई होगी।

पटेल ने राजपूत की याचिका को चुनौती दी और उसे खारिज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कानून के मुताबिक, प्रतिवादी को अर्जी की सत्यापित प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। हाई कोर्ट ने उनकी अर्जी ठुकरा दी और कहा कि याची ने कानून का उचित तरीके से पालन किया है और आसानी से भूल सुधार किया जा सकता है। पटेल ने इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने हाई कोर्ट के 22 अप्रैल के आदेश को चुनौती दी थी।

Posted By: Sachin Mishra

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