अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। गरबा कर रहे छात्रों को पुलिस ने विश्वविद्यालय कैंपस में घुसकर मारा इसके बाद उग्र छात्रों ने पुलिस थाने पहुंचकर नारेबाजी की। पुलिस की मारपीट से कई छात्रों को चोटें आई जिन्हें न्यू सिविल अस्पताल सूरत में उपचार के लिए ले जाया गया। सूरत की वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से सोमवार रात को गरबा का आयोजन किया गया था। विद्यार्थी परिषद में विश्वविद्यालय प्रशासन से गरबा की मंजूरी ली थी तथा कोरोना गाइडलाइन के अनुसार 300 छात्रों को ही गरबा में बुलाया गया था। विद्यार्थी परिषद की ओर से आयोजित गरबा चल रहा था उसी दौरान उमरा पुलिस थाने के कई पुलिसकर्मी विश्वविद्यालय परिसर में घुस गए तथा गरबा कर रहे छात्रों के साथ धक्का-मुक्की करने लगे जिसके बाद छात्रों में पुलिस के बीच हाथापाई की नौबत आ गयी।

नाराज छात्रों ने नारेबाजी कर विरोध जताया

पुलिस ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री सहित तीन छात्रों को पुलिस थाने ले गई जिससे नाराज छात्रों ने पुलिस थाने पहुंचकर नारेबाजी की तथा विरोध जताया। पुलिस के बल प्रयोग से कुछ छात्रों को चोटें आई जिन्हें रात को ही प्राथमिक उपचार के लिए सूरत के न्यू सिविल अस्पताल ले जाया गया। विद्यार्थी परिषद के छात्र युवराज पुरोहित ने बताया कि कोरोनावायरस के चलते पहचान पत्र के जरिए ही छात्रों को गरबा में आने दिया गया था तथा 300 छात्रों का ही यहां प्रवेश रखा गया लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कार्यक्रम में पहुंचकर बल प्रयोग किया। पुलिस में छात्रों के बीच मंगलवार सुबह भी तनाव बना रहा तथा बड़ी संख्या में छात्र उमरा पुलिस थाने के बाहर जमे रहे। वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने बताया कि छात्रों ने गरबा की परमिशन ली थी तथा पुलिस को विश्वविद्यालय प्रशासन से मंजूरी के बिना परिसर में नहीं आना चाहिए था।

कुलपति ने पुलिस को चेताया

विद्यालय प्रशासन अपने स्तर पर इस मामले की जांच करा रहा है। उधर कुलपति ने पुलिस को इस कार्रवाई के लिए चेताया है और ऐसा नहीं करने की नसीहत भी दी। इस घटना के कारण सूरत पुलिस व यूनिवर्सिटी प्रशासन आमने-सामने आ गया है जबकि गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी खूबसूरत से विधायक हैं। गरबा के दौरान पुलिस की किस तरह की कार्रवाई के चलते छात्र संगठनों में भी नाराजगी है तथा इस घटना का असर गांधीनगर में भी देखने को मिल सकता है। ‌

पुलिस के आला अधिकारियों ने हाल इस घटना को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है तथा भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी अपने छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं पर हुए बल प्रयोग को लेकर कोई प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। पुलिस व विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच टकराव का यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी अहमदाबाद, सूरत सहित कई शहरों में छात्रों व पुलिस के बीच टकराव की घटनाएं हो चुकी हैं।

पुलिस कार्रवाई के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने अहमदाबाद, पालनपुर, राजकोट, वडोदरा व अन्य शहरों में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं का कहना है कि नशे की हालत में पुलिसकर्मी विश्वविद्यालय परिसर में घुसे तथा गरबा कर रही छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया। विद्यार्थी परिषद का आरोप है कि पुलिस की ओर से धर पकड़ कर के ले जाए गए छात्र नेताओं से भी पुलिस ने गाली गलौज की।

Edited By: Babita Kashyap