अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। Lockdown Violation: गुजरात के सूरत में लॉकडाउन व नाइट कर्फ्यू के उल्लंघन तथा महिला सिपाही से तकरार के आरोप में गुजरात के स्वास्थ्य राज्यमंत्री किशोर कानाणी के बेटे प्रकाश कानाणी सहित तीन आरोपितों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, तीनों को कुछ देर बाद जमानत पर छोड़ दिया गया। इस मामले में प्रकाश समेत कुल छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उधर, चर्चा है कि महिला सिपाही ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन एसीपी सीके पटेल का कहना है कि वह अवकाश पर चली गई हैं। मामले की जांच की जा रही है। घटना आठ जुलाई रात साढ़े दस बजे की है।

पुलिस का कहना है कि नाइट कर्फ्यू के दौरान मंत्री के बेटे प्रकाश समेत अन्य बिना मास्क के बाहर घूम रहे थे। सिपाही सुनीता यादव ने उन्हें रोका तो प्रकाश ने उनकी अपने पिता से बात कराई। हालांकि, सुनीता नहीं मानीं। आरोपितों ने उनके अपमान की भी कोशिश की। इसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। इससे पहले अधिकारियों ने महिला सिपाही के ड्यूटी स्थल में बदलाव कर दिया था। कोरोना महामारी के चलते राज्य में रात 10 से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू लागू है।

मंत्री ने बेटे का किया बचाव

मंत्री किशोर कानाणी ने बेटे प्रकाश का बचाव करते हुए कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश की जा रही है। उन्हें आगामी स्थानीय निकाय चुनाव को देखते हुए सौराष्ट्र में कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रकाश उनके बेटे हैं, इसलिए विधायक लिखी उनकी कार का प्रयोग कर सकते हैं। प्रकाश ने भी महिला सिपाही पर गाली-गलौज करने व रौब दिखाने का आरोप लगाया है। उन्होंने महिला सिपाही की भाषा को आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

महिला सिपाही के समर्थन में आए लोग

पूर्व डीजीपी डीजी बंजारा, राकांपा प्रवक्ता रेशमा पटेल सहित कई हस्तियां सोशल मीडिया पर सिपाही सुनीता के समर्थन में चलाए गए 'आइ सपोर्ट सुनीता यादव' अभियान में शामिल हो गईं। सूरत व अन्य शहरों में लोगों ने 'वी सपोर्ट सुनीता यादव' के बैनर लेकर प्रर्दशन भी किया।

 

Posted By: Sachin Kumar Mishra

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