तीर्थस्थल की पवित्रता से ऊपर नहीं व्यापार का अधिकार, सोमनाथ मंदिर के बाहर नॉनवेज बैन का गुजरात सरकार ने किया बचाव
गुजरात सरकार ने हाई कोर्ट में सोमनाथ मंदिर के आसपास मांसाहारी भोजन की बिक्री और भंडारण पर लगे प्रतिबंध का बचाव किया।

गुजरात सरकार ने सोमनाथ मंदिर प्रतिबंध का हाई कोर्ट में बचाव किया

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डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात सरकार ने बुधवार को हाई कोर्ट में कहा कि किसी तीर्थस्थल की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को नजरअंदाज करने का अधिकार किसी को नहीं दिया जा सकता। सरकार ने प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के आसपास मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री और भंडारण पर लगाए गए प्रतिबंध का बचाव किया।
जस्टिस निशा एम. ठाकोर की पीठ के समक्ष सरकार ने कहा कि सोमनाथ को केवल एक व्यावसायिक शहर के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसका देशभर के करोड़ों हिंदुओं के लिए विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।
सरकारी वकील जी.एच. विरक ने दलील दी कि मंदिर के प्रवेश क्षेत्र या श्रद्धालुओं के पवित्र मार्गों पर मांसाहारी भोजन बेचने का कोई पूर्ण मौलिक अधिकार नहीं है।
राज्य सरकार ने अगस्त में मंदिर के 500 मीटर के दायरे में मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री और भंडारण पर प्रतिबंध लगाया था। इसके खिलाफ छह रेस्तरां संचालकों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि वे दशकों से वैध लाइसेंस के साथ कारोबार कर रहे हैं और प्रतिबंध से उनकी आजीविका प्रभावित हुई है।
