अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जय सोमनाथ के जयघोष के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। सोमनाथ के बारे में हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि इनकी आराधना करने वालों पर भगवान सोमनाथ की कृपा के भंडार खुल जाते हैं। सोमनाथ ट्रस्ट से जुड़ने के बाद काफी कुछ होते देख रहा हूं यह मेरा सौभाग्य है। पार्वती मंदिर के शिलान्यास के अलावा अन्य कई निर्माण कार्य हुए। इसके लिए गुजरात सरकार व सोमनाथ ट्रस्ट को बधाई देता हूं। जब अतिथि गृह की कमी की बात होती थी तब ट्रस्ट के गेस्ट हाउस पर ही काफी दबाव होता था। यह मंदिर के करीब बना है तथा यहां रुकने वाले व्यक्ति को समुद्र दर्शन होगा तथा शांति से अध्यात्म व प्रक्रति का आनंद ले सकेंगे। यहां से उन्हें समंदर की लहरे व सोमनाथ का शिखर भी नजर आएगा। समंदर के थपेड़े व मंदिर के शिखर से उन्हें भारत की चेतना के थपेड़े भी नजर आएंगे। सोमनाथ इस पर्यटन क्षेत्र का एक केंद्र बन गया है। सैकड़ों सालों की गुलामी में भारत किन हालात से गुजरात है, जिन हालत में सोमनाथ मंदिर को तोड़ा गया तथा जिन परिस्थिति में सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ यह दोनों हमारे लिए एक प्रेरणा हैं।

हर साल आते हैं एक करोड़ श्रद्धालु

देश के अलग-अलग राज्यों व दुनिया से सोमनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए हर साल करीब एक करोड़ श्रद्धालु आते हैं। जब यहां से वे वापस जाते हैं तब वे अपने साथ कई अनुभव, विचार व सोच लेकर जाते हैं। उनकी यात्रा जितनी महत्वपूर्ण उतना ही महत्वपूर्ण उसका अनुभव होता है। तीर्थयात्रा में यह इच्छा होती है कि हमारा मन भगवान में ही लगा रहे यात्रा से जुड़ी समस्या से जूझना नही पड़े। हमने कई मंदिरों की व्यवस्था को सुधारा सोमनाथ भी उनमें से एक, यहां पार्किंग, टूरिस्ट गाइडेंस सेंटर, पिलग्रीम प्लाजा व कॉम्पलेक्स का प्रस्ताव भी अंतिम चरण में है। रुक्मणी मंदिर, गोमती घाट आदि कई स्थल विकसित होने के साथ गुजरात की संस्कृति को भी उजागर कर रहे हैं। लोगों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी विकास व सेवा कार्य किये जा रहे हैं जो सबके प्रयास की उत्तम भावना है। कोरोना की मुश्किल के बीच सोमनाथ ट्रस्ट ने यात्रियों की देखभाल की, उन्होंने उनके इस विचार से जीव ही शिव के दर्शन होते हैं।

स्वदेश दर्शन योजना

हमारे देश व प्रदेश में इसकी अनंत संभावनाएं है। किसी भी राज्य का नाम लें गुजरात में सोमनाथ, द्वारिका, कच्छ धोलावीरा, यूपी अयोध्या मथुरा काशी विंध्याचल आदि, उत्राखंड तो देवभूमि केदारनाथ बद्रीनाथ, हिमाचल प्रदेश, तमिनाडु, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, केरल आदि हर राज्य में तीर्थाटन व पर्यटन के कई केंद्र हमारे ध्यान मे आ जाते हैं। यह हमारी राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है, देश इन स्थलों को समृद्धि के स्थलों के रूप में भी देखता है। पिछले सात सालों में देश ने पर्यटन की संभावनाओं को साकार करने के लिए कई साकार काम किये। पर्यटन विकास केवल सरकारी योजना नहीं जनभागीदारी का अभियान बन गया है, हमारी सांस्कृतिक विरासतों का विकास इसका एक उदाहरण है। जो पहले उपेक्षित स्थल थे अदभुत भारत अभियान के तहत आज उनका विकास हुआ। स्वदेश दर्शन योजना के तहत 15 थीम बेस्ड टूरिस्ट सर्किट विकसित किये जा रहे हैं। रामायण सर्किट के जरिए कई धार्मिक स्थल का एक साथ दर्शन कर सकते हैं।

अतिथि गृह का लोकार्पण

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि आजादी के बाद सरदार पटेल ने सोमनाथ का पुनर्निर्माण का काम किया। प्रधानमंत्री मोदी ने आज 30,55 करोड़ की लागत से बनने वाले अतिथि गृह का वर्चुअल लोकार्पण किया। 200 केवी का सोलार एनर्जी का प्रोजेक्ट स्थापित किया है। रोज सवा लाख लीटर गंदे पानी को रीट्रीट कर यहां के बाग बगीचों में सींचा जाता है। सोमनाथ ट्रस्ट के इन प्रोजेक्ट से पर्यावरण शुद्ध होने के साथ स्वच्छ भारत वर्ल्ड स्पिरिचुअल डेस्टीनेशन बनाने के संकल्प की ओर प्रधानमंत्री मोदी आगे बढ़ रहे हैं। सबका साथ सबका विकास एवं सबका स्वास्थ्य के ध्येय को लेकर आगे बढ़ रहे प्रधानमंत्री ने अतिथि गृह का लोकार्पण कर गुजरात सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में इसके विकास में एक ओर कड़ी जोड़ दी है।

नया सर्किट हाउस

नये सर्किट हाउस का निर्माण सोमनाथ मंदिर के पास ही कराया गया है। समारोह में परिवहन मंत्री पूर्णेश मोदी भी समारोह में उपस्थित रहे। उन्होंने बताया 15 हजार स्क्वायर मीटर में फैले इस अतिथि गृह का निर्माण 7000 स्क्वायर मीटर से अधिक भूमि पर बना है जिसमें 48 कमरे निर्माण कराये गये । इसके अलावा 200 लोगों की क्षमता वाले एक समारोह हॉल का भी निर्माण कराया गया है।

Edited By: Babita Kashyap