'गुजरात का साणंद बनेगा भारत का सिलिकॉन वैली', सेमीकंडक्टर असेंबलिंग एंड टेस्टिंग प्लांट के उद्घाटन पर बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के साणंद में सीजी सेमी के सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया, इसे भारत की सिलिकॉन वैली बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
-1783181560705_m.webp)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी( फोटो: एएनआई)
HighLights
पीएम मोदी ने गुजरात के साणंद में सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया।
साणंद भारत की सिलिकॉन वैली बनने की ओर अग्रसर: पीएम।
वर्ष के अंत तक पांच सेमीकंडक्टर प्लांट, 25 लाख रोजगार।
शत्रुघ्न शर्मा, अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत, जापान, थाईलैंड की तकनीकी भागीदारी देश के सेमीकंडक्टर उद्योग को गति देगा। केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक मेन्यूफेक्चरिंग करोबार 13 लाख करोड़ का है। वर्ष कै अंत तक पांच सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो जाएंगे।
गुजरात के साणंद में सीजी सेमी के आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबलिंग एंड टेस्टिंग प्लांट के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब तक देश में सेमीकंडक्टर के तीन प्लांट शुरू हो गये लेकिन मंत्री अश्विनी वैष्णव बता रहे हैं कि वर्ष के अंत तक पांच प्लांट शुरू कर देंगे।
इस प्लांट में सालाना बीस करोड़ सेमीकंडक्टर चिप का निर्माण होगा,। इनका लक्ष्य 500 करोड़ चिप का है, माने प्रतिदिन डेढ़ सौ करोड़ चिप। प्रधानमंत्री ने अमेरिका, जापान, ताइवान की टेक सिटी का उदाहरण देते हुए कहा कि साणंद भारत का सिलीकॉन वैली बनने की और अग्रसर है।
केंद्रीय प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक मेन्यूफेक्चरिंग करोबार 13 लाख करोड़ रुपए का है। इससे देश में 25 लाख रोजगार उत्पन्न होंगे। आत्म निर्भर भारत के सपने की यह बड़ी जीत होगी। गत 28 फरवरी पहला सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हुआ, इसके बाद 31 मार्च को दूसरा तथा 4 जुलाई को आज तीसरा प्लांट प्रारंभ हो गया। वर्ष के अंत तक भारत में सेमीकंडक्टर के पांच प्लांट शुरू हो जाएंगे, इससे 25 लाख को रोजगार मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात विकसित भारत के संकल्प को समर्पित है। समारोह में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी तथा गुजरात के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया भी उपस्थित थे। सीजी सेमी, सीजी पावर की कंपनी है। ये भारत के पहले ओएसएटी प्लांट में से एक है जो चिप्स की पैकेजिंग और टेस्टिंग करता है। इसकी लागत करीब 7,500 करोड़ रुपए है।
- सहयोगी कंपनी में सीजी पावर, जापान की रेनेसास तथा थाईलैंड की स्टार माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक शामिल है।
- इंडिया सेमीकंडकटर मिशन के तहत 50 फीसदी की भागीदारी
- G1 प्लांट की 500 करोड़ चिप्स प्रतिवर्ष की उत्पादन क्षमता है।
- जबकि G2 प्लांट में 2026 के अंत तक करीब 1.5 करोड़ चिप बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
