अहमदाबाद, जेएनएन। गुजरात में विधानसभा की छह सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के पहले ही धवल सिंह झाला ने 30 सितंबर को भाजपा के टिकट पर बायड से नामांकन का पोस्‍टर जारी कर दिया है। वहीं, कांग्रेस एनसीपी से गठबंधन के फेर में फंस गई है।

विधानसभा सीटों पर नामों की चर्चा के लिए गुजरात भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक गत मंगलवार को हो चुकी है, जबकि कांग्रेस की बैठक गुरुवार को हुई। भाजपा व कांग्रेस के प्रदेश संगठन संभावित प्रत्‍याशियों के पैनल तैयार करेंगे, जबकि दोनों ही दलों के नामों की घोषणा नई दिल्‍ली से होगी। राज्‍य की सभी सीटों पर नामांकन की अंतिम तारीख 30 सितंबर है तथा अंतिम दिन ही नामों की घोषणा होगी, लेकिन बायड से पूर्व विधायक धवल सिंह झाला ने 30 सितंबर को भाजपा के टिकट पर नामांकन का प्रचार शुरू कर दिया है।

झाला अपने साथी पूर्व विधायक अल्‍पेश ठाकोर के साथ कांग्रेस विधायक पद से इस्‍तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। अल्‍पेश के राधनपुर से, जबकि धवल के बायड से भाजपा के टिकटपर चुनाव लड़ना तय है लेकिन अधिकारिक रूप से नामों की घोषणा से पहले ही इन दोनों ने अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रचार शुरू कर दिया है, जबकि धवल सिंह ने तो 30 को नामांकन का न्‍यौता भी अपने समर्थकों को भेजना शुरू कर दिया है।

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता अर्जुन मोढवाडिया ने बताया कि कांग्रेस की स्‍क्रीनिंग कमेटी पैनल तैयार करेगी व केंद्रीय नेतृत्‍व उसमें से किसी एक के नाम पर मुहर लगाएगा। एनसीपी से गठबंधन के लिए कांग्रेस तैयार नहीं है, कांग्रेस के प्रभारी राजीव सातव ने स्‍थानीय उम्‍मीदवारों को प्राथमिकता का संकेत दिया है।

गौरतलब है कि अल्‍पेश को हराने के लिए कांग्रेस राधनपुर से प्रत्‍याशी के रूप में रघु देसाई व डॉ गोविंद ठाकोर के नाम पर विचार कर रही है। डॉ गोविंद अल्‍पेश को सीधी टक्‍कर दे सकते हैं, जबकि रघु देसाई ठाकोर के खिलाफ अन्‍य सभी समुदाय के लोगों का ध्रुवीकरण कर सकते हैं। एनसीपी को लूणावाडा सीट पर कांग्रेस से गठबंधन की उम्‍मीद है, लेकिन कांग्रेस को इसमें रुचि नहीं है। गत विधानसभा चुनाव में भी एनसीपी ने अकेले ही चुनाव लड़ा था।

तो काला दिन मनाएगी उत्‍तर भारतीय विकास परिषद 

उत्‍तर गुजरात की राधनपुर सीट से अल्‍पेश ठाकोर का भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना तय है, लेकिन उत्‍तर भारतीयों के खिलाफ उसके अभियान को लेकर उत्‍तर भारतीय विकास परिषद ने भाजपा को चेताया है। परिषद के डॉ त्रिभुवन ने कहा है कि अल्‍पेश ने कांग्रेस में रहकर उत्‍तर भारतीयों के खिलाफ अभियान चलाया था, अब वह सत्‍तापक्ष में शामिल होकर अपने उत्‍तर भारतीय विरोध को और मुखर कर सकता है, इसलिए परिषद ने भाजपा से अल्‍पेश को टिकट नहीं देने की मांग की है।

उनका कहना है कि भाजपा की छवि को अल्‍पेश के चलते नुकसान पहुंचेगा। परिषद का मानना है कि अल्‍पेश ने जबसे राजनीति की राह पकड़ी है, वह उत्‍तर भारतीयों को रोजगार के खिलाफ रहा है, अगर वह चुनाव जीत भी जाता है तो परिषद काला दिन मनाएगी।

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Posted By: Sachin Mishra

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