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'फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा जरूरी', आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थी के पिता ने किया पेपर लीक कानून में बदलाव का समर्थन

Published: Sun, 26 Jul 2026 09:20 PM (IST)

नीट पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्र कहान पटेल के पिता ने परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल ...और पढ़ें

आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थी के पिता ने किया पेपर लीक कानून में बदलाव का समर्थन(फोटो: पीटीआई)

आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थी के पिता ने किया पेपर लीक कानून में बदलाव का समर्थन(फोटो: पीटीआई)

HighLights

  1. कहान पटेल के पिता ने सख्त पेपर लीक-रोधी कानून का समर्थन किया।

  2. तेजी से जांच, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा की मांग की।

  3. परीक्षा प्रणाली में जनता का भरोसा बहाल करना आवश्यक है।

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। मेडिकल के स्नातक पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा नीट पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या करने वाले 17 वर्षीय छात्र कहान पटेल के पिता ने पेपर लीक-रोधी कानून को और सख्त करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे संशोधन विधेयक का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने के लिए तेजी से जांच, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त सजा जरूरी है।

अगर इन उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, तो आपराधिक न्याय प्रणाली में जनता का भरोसा बढ़ेगा। गौरतलब है इस संशोधन विधेयक को सोमवार को पेश करने की तैयारी है।

संसद में प्रस्तावित विधेयक को पेश किए जाने से पहले आईएएनएस से बात करते हुए कहान के पिता और पेशे से वकील प्रशांत कुमार पटेल ने कहा कि वह उन प्रविधानों का समर्थन करते हैं जिनके तहत जांच और ट्रायल के लिए समयसीमा तय होगी, पेपर लीक के मामलों में जेल की सजा और जुर्माना बढ़ेगा, और परीक्षा में संगठित धोखाधड़ी के खिलाफ मजबूत कानूनी ढांचा तैयार होगा।

उन्होंने कहा, जब भी सरकार न्यायिक कार्यवाही में तेजी लाने की बात करती है, तो मुझे खुशी होती है। अगर जांच, रोजाना सुनवाई और अपील तय समयसीमा के भीतर पूरी हो जाएं, तो यह बहुत अच्छा कदम है। इन सुधारों से निश्चित रूप से मदद मिलेगी। लेकिन इन्हें लागू करना भी उतना ही जरूरी है। सरकारों ने पहले भी फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है।

असली सवाल यह है कि क्या जमीनी स्तर पर इन समय-सीमाओं का वास्तव में पालन किया जाएगा। फिर भी, अगर सरकार ने यह मान लिया है कि सुधारों की ज़रूरत है और ये संशोधन लाई है, तो मैं इनका समर्थन करता हूं।

गौरतलब है कि तीन मई को आयोजित नीट को रद करने और देशभर में पेपर लीक के आरोपों के बाद दोबारा परीक्षा की घोषणा के बाद 18 जून को कहान ने आत्महत्या कर ली थी। कहान के पिता ने बताया, मेरे बेटे को परीक्षा में लगभग 650 अंक मिलने की उम्मीद थी। सरकार द्वारा दोबारा परीक्षा की घोषणा के बाद कहान बहुत परेशान हो गए।

उन्हें लगा कि उसकी महीनों की कड़ी मेहनत बेकार चली गई। कहान परीक्षा प्रणाली को लेकर अक्सर गुस्सा जाहिर करते थे, हालांकि परिवार वालों को उनकी मानसिक परेशानी की गंभीरता का अंदाजा उनकी मौत के बाद ही हुआ, जब उनके दोस्तों और कोचिंग के शिक्षकों ने उनके व्यवहार में आए बदलावों के बारे में बताया।

कहान के पिता ने कहा, सरकार ने जवाब देने में समय लिया और मैंने उस देरी पर सवाल उठाए थे। लेकिन अगर अब सरकार ने ज़िम्मेदारी स्वीकार कर ली है और सार्थक सुधार ला रही है, तो उन सुधारों का समर्थन किया जाना चाहिए।
(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)