अहमदाबाद, जेएनएन। गुजरात हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के रिक्त पद्दों की नियुक्ति के मामले पर आज वकील हड़ताल पर है। वकीलों का आरोप है कि हाईकोर्ट के कॉलीजियम की रिपोर्ट पर राज्य सरकार संज्ञान नहीं लेती। उसे आगे नहीं भेजती। इसलिए समय से नियुक्ति नहीं हो पाती। इसके विरोध के लिए हाईकोर्ट वकील एसोसिएशन के अह्वाहन पर वकील हड़ताल पर है।

गुजरात हाईकोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कुछ समय पहले देश के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को पत्र लिखा था। इस पत्र को भी एसोसिएशन ने मांग के रुप में स्वीकार करने का अनुरोध किया था।

पत्र में कहा गया था कि मई महीने में हाईकोर्ट कॉलीजियम ने पांच ज्यूडिशियल ऑफिसर और 15 वकीलों को हाईकोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति की सिफारिश की थी। इस बारे में राज्य सरकार ने केवल पांच ऑफिसरों के बारे में ही अभिप्राय दिया है। वकीलों के नाम पर सरकार ने अभिप्राय नहीं दिया है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि कॉलीजियम की सिफारिश को आगे बढ़ाने में सरकार इरादा पूर्वक विलम्ब कर रह है। इसके विरोध में विकीलों ने आज हड़ताल की है।  

जानकारी हो कि गुजरात में जिला न्यायाधीशों की परीक्षा देनेवाले 199 जज और 1372 वकील फेल हो गये। परीक्षा देनेवाले एक भी परीक्षार्थी लिखित परीक्षा में पास नहीं हुए। परिणामतः गुजरात हाईकोर्ट ने शून्य रिजल्ट घोषित कर अग्रिम कार्यवाही शुरु की है।

जानकारी के अनुसार गुजरात हाईकोर्ट की ओर 26 पद्दों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। जिला न्यायाधीशों की इस परीक्षा में बैठे सभी 199 जज और 1372 वकील फैल हो गये। कोई परीक्षार्थी 50 फीसदी से अधिक नंबर नहीं ला पाये। राज्य की विविध कोर्टो में से जिला जज के 40 पद्दों में से 26 प्रैक्टिसिंग वकीलों और 14 ज्यूडिशियल आफिसरों के लिए आरक्षित रखी गयी थी।

गुजरात में जिला न्यायाधीशों भर्ती के लिए मार्च में आवेदन मंगाए गये थे। इसमें 1372 वकीलों ने आवेदन पत्र दिये थे। जून महीने में आयोजित एलिमिनेशन टेस्ट में 494 वकीलों को लिखित परीक्षा के लिए उत्तीर्ण किया गया था। हालांकि गुजरात में जिला न्यायाधीशों कि लिखिति परीक्षा में एक भी वकील पास नहीं हुए।

जानकारी हो कि हाईकोर्ट के नियम के अनुसार जिला जज की 65 प्रतिशत रिक्तियां सीनियर सिविल जज को प्रोन्न्त कर भरी जाती है। केवल 25 प्रतिशत इन्टरव्यू द्वारा भरी जाती है और बाकी की 10 प्रतिशत जिला जजों की परीक्षा द्वारा भर्ती की जाती है। लेकिन हाईकोर्ट द्वारा ली गई लिखित परीक्षा में 199 जजों में से कोई भी उत्तीर्ण नहीं हो पाये।

फिर से परीक्षा का आयोजन

गौरतलब है कि गुजरात हाईकोर्ट ने शून्य रिजल्ट घोषित किया है। हाईकोर्ट के रिजस्ट्रार जनरल ने बताया कि नियम के मुताबिक परीक्षा पास न कर पाने की स्थिति में हाईकोर्ट फिर से परीक्षा का आयोजन करती है और इसमें पुराने व नये परीक्षार्थी भी आवेदन देकर परीक्षा दे सकते है। यह पूरी प्रक्रिय नये सिर से की जाती है। गुजरात हाईकोर्ट द्वारा जल्द ही परीक्षा संबंधित घोषणा की जायेगी और आवेदन मंगवाये जायेंगे। 

 

Posted By: Preeti jha

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