अहमदाबाद, शत्रुघ्न शर्मा। राजस्थान सरकार ने गुजरात में अपने पहले ही रोड शो में एक लाख पांच हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। राज्य के कैबिनेट मंत्री परसादी लाल मीणा का दावा है कि इनमें से 41590 हजार करोड़ रुपये का निवेश तो तय है। उनका कहना है कि राजस्थान में नौकरशाही को लेकर निवेशकों की तमाम शिकायतों को दूर किया जा चुका है। शुरुआती तीन साल में निवेशक बिना किसी मंजूरी के अपना उद्योग चला सकते हैं। राजस्थान की राजधानी जयपुर में 24 व 25 जनवरी को होने वाले निवेशक सम्मेलन इन्वेस्ट राजस्थान का के लिए अहमदाबाद के पांच सितारा होटल में रोड शो किया गया। इसमें 41590 करोड़ के एमओयू तथा 64110 करोड़ के लैटर आफ इन्टेंट पर दस्तखत किए गए।

अज्योर पावर ने जैसलमेर व फतेहगढ़ में 24 हजार करोड़ की लागत से सोलर पार्क बनाने का करार किया है। इसके अलावा एसीएमइ क्लीनटेक ने 8200 करोड़ की लागत से जोधपुर, जैसलमेर व बाडमेर में 1750 मेगावाट का सोलर पावर प्राजेक्ट के करार किए हैं। ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान को सबसे अधिक करीब 38 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तााव मिले हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने बताया कि राजस्थान देश में सबसे अधिक प्राकृतिक संसाधन वाला राज्य है। नौकरशाही को लेकर निवेशकों की शिकायतों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने काफी हद तक हल करते हुए अब पहले तीन साल के लिए तो किसी भी तरह की मंजूरी की जरूरत को ही समाप्त कर दिया है।

मीणा ने बताया कि राजस्थान के हर जिले में उद्योग क्षेत्र के लिए जमीनें चिन्हित की गई है। 25 लाख रुपये से अधिक के निवेश पर सरकार ब्जाज की राशि पर पांच से आठ प्रतिशत तक की सब्सिडी भी देगी। राज्य में 100 करोड़ रुपये तक का निवेश कीजिए तथा मुंहमांगी सुविधाएं पाइए।  पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव गायत्री राठौड ने बताया कि पर्यटन राजसथान का सबसे बड़ा उद्योग है तथा यहां हेरीटेज प्रापर्टी, होटल, रेस्टोरेंट, मेडिकल ट्यूरिज्म में कई संभावनाएं है। गुजरात से सबसे अधिक पर्यटक राजस्थान आते हैं, इसलिए दोनों राज्य के बीच एक निवेश व आतिथ्य का सेतु विकसित करना चाहते हैं। उद्योग विभाग की आयुक्त अर्चना सिंह ने बताया कि राजस्थान में सौर ऊर्जा, पर्यटन, पेट्रोकेमिकल, टेक्सटाइल के अलावा गैस, सीमेंट, लाजिस्टिक हब, रिसोर्ट आदि में निवेश के अधिक प्रस्ताव मिले हैं। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra