सरकारी दफ्तरों व अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़, बिहार-झारखंड से दो गिरफ्तार
गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने सरकारी दफ्तरों और अदालतों को बम की धमकी वाले ईमेल भेजने वाले ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
गुजरात पुलिस ने सरकारी दफ्तरों को बम धमकी ईमेल सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया।
बिहार और झारखंड से दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, अंतर-राज्यीय गिरोह का खुलासा।
आरोपियों को बांग्लादेश से क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से वित्तीय सहायता मिल रही थी।
पीटीआई, अहमदाबाद। गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर आफ एक्सीलेंस ने सरकारी दफ्तरों, शिक्षण संस्थानों और अदालतों को बम की धमकी वाले ईमेल भेजने में शामिल एक अंतर-राज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में उसने बिहार और झारखंड से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपितों को बांग्लादेश में मौजूद साथियों से आर्थिक मदद मिलती थी और पैसों के लेन-देन के लिए क्रिप्टोकरेंसी वालेट का इस्तेमाल किया जाता था।
सोमवार को जारी एक बयान के अनुसार, 10 सितंबर को गुजरात सचिवालय को बम की धमकी वाला ईमेल भेजने के आरोप में बिहार के भागलपुर से रोशन कुमार राय को पकड़ा गया। एक अन्य आरोपित गुलशन कुमार सिंह को झारखंड के देवघर से पकड़ा गया। पुलिस को शक है कि वह मुख्य सूत्रधार है और उसने 5,13,847 यूनिक ईमेल आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए थे, जिनका इस्तेमाल धमकी भरे ईमेल भेजने और अन्य साइबर अपराध करने के लिए किया गया था।
यह जांच तब शुरू हुई, जब 10 सितंबर को गुजरात सरकार के विधायी और संसदीय कार्य विभाग की ईमेल आईडी पर एक ईमेल मिला, जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय, राज्य विधानसभा, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और दिल्ली में हाल ही में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत का समर्थन करने वाले देशों को उड़ाने की धमकी दी गई थी।
