अहमदाबाद, एएनआइ। गुजरात में मानसून ने अपना असर दिखाना शुरु कर दिया है, पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश के कारण लोगों का जनजीवन बुरी तरह अस्‍त-व्‍यस्‍त हो चुका है। सुरेन्द्रनगर में भारी वर्षा अभी भी जारी है। भारी बारिश के कारण अहमदाबाद के घाटलोदिया क्षेत्र समेत कई इलाकों में जलभराव की समस्‍या पैदा हो गयी है। राजकोट जिले के गोंडल शहर में स्थित BAPS स्वामीनारायण मंदिर का हिस्सा, क्षेत्र में भारी बारिश के बाद गहरे पानी में डूब गया हैै। कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की टीम को तैनात कर दिया गया है।  

 गुजरात के 108 जलाशय लबालब पानी से भर जाने के बाद हाई अलर्ट पर हैं, जबकि 31 जलाशय के लिए अलर्ट जारी किया गया है। आगामी दो दिन तक उत्‍तर गुजरात, कच्‍छ व सौराष्‍ट्र में भारा बारिश की चेतावनी के कारण मुख्‍यसचिव मुकीम ने रविवार को राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़े आला अधिकारियों की बैठक कर हालात का जायजा लिया। राहत आयुक्‍त डॉ हर्षद पटेल के अनुसार ने मौसम विभाग ने कच्‍छ-सौराष्‍ट्र व उत्‍तर गुजरात के बनासकांठा, साबरकांठा, पाटण, मेहसाणा, गांधीनगर, मोरबी, अहमदाबाद, महिसागर, खेडा, पंचमहाल, द्वारका, राजकोट, जूनागढ, जामनगर, पोरबंदर सहित कच्‍छ जिल में 24 अगस्‍त को भारी बारिश की चेतावनी दी है।

 भारी वर्षा के बाद, भादर बांध के बह जाने से, जेतपुर में कई क्षेत्रों में बाढ़ आ गई।

राजकोट जिले के जेतपुर शहर में भादर बांध 29 शटर को छह फीट तक खोला गया है।

 गौरतलब है कि बीते 24 घंटों में राज्‍य की 248 तहसीलों में एक से 11 इंच तक बारिश दर्ज की गई है। मुख्‍य सचिव अनिल मुकीम ने भारी बारिश के अलर्ट के बाद स्‍टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर पर आला अधिकारियों से हालात की समीक्षा की। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गुजरात में अब तक मानसून की करीब 95 फीसद बारिश हो चुकी है। कच्‍छ जिले में सर्वाधिक 162 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई। बचाव कार्यो के लिए एनडीआरएफ की 13 टीमें विविध जिलों में तैनात है, वहीं एसडीआरएफ की 13 टीमें स्‍टेंड बाय रखी गई है। राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की एक टीम भारी बारिश के बाद पाटन जिले के कई इलाकों में बाढ़ की स्थितियों से निपटने के लिए मौजूद है।

Edited By: Babita kashyap

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