अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। दक्षिण गुजरात में रविवार को भारी बारिश की चेतावनी के कुछ घंटे में ही सूरत, वलसाड आदि शहरों में जमकर बारिश हुई। गुजरात के मौसम विभाग ने सौराष्ट्र व दक्षिण गुजरात में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। इसके कुछ समय बाद ही सूरत में तेज मेघ गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिसके कारण सड़कों व दुकानों में पानी जमा हो गया। वलसाड में भी भारी बारिश के कारण गण देवी बिलिमोरा के रोड पर बने ब्रिज पर पानी बहने लगा। मौसम विभाग सूरत, वलसाड, नवसारी, वडोदरा, भावनगर, अमरेली, सूरत, जामनगर व भरूच आदि शहरों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। सूरत तथा वलसाड के अलावा भरूच में भी भारी बारिश हुई। तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया तथा कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए। उधर, जामनगर में भी शनिवार शाम को तेज मेघ गर्जना के साथ हुई बारिश तथा तेज हवाओं के कारण करीब डेढ़ सौ पेड़ गिर गए। फायर ब्रिगेड तथा एसडीआरएफ की टीमों को राहत कार्य के लिए लगाया गया है। 

इससे पहले जून में सौराष्ट्र, मध्य गुजरात, दक्षिण व उत्तर गुजरात में जोरदार बारिश हुई थी। राजकोट, आणंद, सूरत व अहमदाबाद सहित करीब डेढ़ सौ तहसीलों में बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, लेकिन किसानों के चेहरे खिल गए हैं। मध्य गुजरात के आणंद में पिछले चार घंटे में 173 मिलीमीटर बारिश हुई, जिससे शहर के आस-पास के गांव में पानी भर गया। भारी बारिश में तेज हवाओं के कारण एक 100 साल पुराना बड़ का पेड़ गिर गया तथा बिजली के तीन पोल भी गिर गए। सूरत में उकाई डैम से 2000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, ताकि बांध के जल स्तर को नियंत्रित रखा जा सके। पानी छोड़े जाने के कारण तापी नदी में तेज बहाव हो गया है। इस कारण कोजवे के 16 में से पांच दरवाजे खोलने पड़े हैं।

अहमदाबाद, द्वारका, मेहसाणा व गांधीधाम आदि शहरों में भी भारी बारिश हुई। शहरों में जगह-जगह पानी भर गया है। बाजार वह निचले इलाके तालाब बन गए। राजकोट में हुई भारी बारिश से रेस कोर्स रोड, कालवाड रोड व याग्निक रोड पर पानी जमा हो गया है। वाहन चालकों व राहगीरों को यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। सवा सौ तहसीलों में भारी बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बाद कई शहरों में राहत व बचाव कार्य के लिए टीमें तैयार की गई हैं। अहमदाबाद में फायर ब्रिगेड की टीमों को तैयार रहने को कहा गया है। पूर्व तथा पश्चिम विस्तार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। दो दिनों से हो रही बारिश के चलते जगह-जगह पानी भर गया है। धार्मिक नगरी द्वारका में भी भारी बारिश हुई है, जिससे जनजीवन काफी अस्त-व्यस्त हो गया है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra