अहमदाबाद, जेएनएन। पाटीदार आरक्षण और किसानों का कर्ज माफ करने की मांग को लेकर हार्दिक पटेल का आमरण अनशन जारी है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने हार्दिक पटेल के उपवास आंदोलन का समर्थन किया है। हार्दिक ने समर्थन के लिए तीनों नेताओं का ट्वीट कर आभार जताया है।

अरविंद केजरीवाल ने भी किया हार्दिक पटेल का समर्थन

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल का समर्थन किया और कहा कि किसानों का कृषि ऋण माफ किया जाना चाहिए।केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, किसानों का कृषि ऋण माफ किया जाना चाहिए। हार्दिक पटले किसानों के लिए लड़ रहे हैं। सभी किसान और समाज उनके साथ है। ईश्वर उन्हें ताकत दें।

अखिलेश यादव ने ट्विटर पर हार्दिक पटेल से जताई हमदर्दी

गुजरात में अपने समाज के लिए आरक्षण और किसानों की कर्जमाफी को लेकर आंदोलन करने वाले पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के समर्थन में देशभर में भाजपा विरोधी आगे आ रहे हैं। महागठबंधन की कोशिश कर रहे सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी यह मौका नहीं चूके। अखिलेश ने हार्दिक पटेल के प्रति हमदर्दी जताई और उन्हें अपनी सेहत का ख्याल रखने की नसीहत दी है। हार्दिक के प्रति हमदर्दी जताकर अखिलेश ने उप्र के कुर्मी समाज को साधने की पहल की है। कुर्मी समाज के बीच हार्दिक की पहचान बन रही है। 

सोमवार को अखिलेश ने ट्विटर पर हार्दिक की सराहना की तो उनकी इस पहल को कुर्मी समाज को साधने के समीकरण के तौर पर ही देखा गया। अखिलेश ने ट्वीट किया 'हार्दिक पटेल अपने समाज व किसानों के प्रति किए गए संकल्पों की पूर्ति के लिए जिस तरह अनशन करते हुए संघर्षरत हैं, वह सराहनीय है। लेकिन, हमारा उनसे आग्रह है कि वह अपनी सेहत का ध्यान रखें क्योंकि जनता को जागृत करने वाले उनके आंदोलन व समर्थकों को उनके सक्रिय नेतृत्व की आवश्यकता है।'

गौरतलब है कि इससे पहले गुजरात में आमरण अनशन कर रहे हार्दिक पटेल के समर्थन में पहली बार राज्य के मंत्री कुंवर जी बावलिया सामने आए हैं। उन्होंने पाटीदार नेता की मांगों को जायज और संवेदनशील बताते हुए इस मामले में मध्यस्थता की इच्छा जताई है। वहीं, पाटीदार आरक्षण और किसानों का कर्ज माफ करने की मांग को लेकर अनशन कर रहे हार्दिक ने रविवार को अपनी वसीयत सार्वजनिक की। इसमें उन्होंने मौत होने पर नेत्रदान की इच्छा प्रकट की है। हार्दिक ने अपनी संपत्ति माता-पिता और बहन में बांटने के साथ आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए 14 युवकों के परिजनों को भी देने की बात कही है।

गुजरात सरकार के कैबिनेट मंत्री कुंवर जी बावलिया ने हार्दिक की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को पहल करनी चाहिए। हालांकि पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के प्रवक्ता मनोज पनारा ने उनके बयान को राजनीतिक बताते हुए कहा कि बावलिया के क्षेत्र में उपचुनाव के चलते उन्हें हार्दिक याद आए हैं। वे मांगों का समर्थन करते हैं तो उनसे मिलने आ सकते हैं। हार्दिक के उपवास स्थल पर उनके समर्थकों को आने से रोकने के खिलाफ हाई कोर्ट में अर्जी दायर होने के बाद रविवार को पुलिस ने मिलने आए युवाओं को पुलिस रजिस्टर में नाम मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद जाने दिया। उधर, नेता विपक्ष परेश धनाणी ने हार्दिक के उपवास आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन होने की बात दोहराई है।

इस बीच, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी अहमदाबाद में हार्दिक पटेल से मिलने पहुंचे। उन्होंने पाटीदार आरक्षण की मांग को जायज बताते हुए कहा कि देश में आरक्षण की सीमा 70 फीसद होनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और रामदास अठावले पर निशाना साधते हुए मांझी बोले कि दोनों नेता सरकार की नौकरी कर रहे हैं।

Posted By: Sachin Mishra