राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। आरक्षण व किसानों की कर्ज माफी के लिए आमरण अनशन कर रहे पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने बुधवार को अनशन समाप्त कर दिया। खोडलधाम ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेश पटेल व विश्व उमिया धाम के अध्यक्ष सीके पटेल ने हार्दिक को पानी पिलाकर आमरण अनशन समाप्त कराया। सरकार के कड़े रुख को देखते हुए समाज के लोगों ने उनसे अनशन खत्म करने को कहा था। 19 दिनों के उपवास के बाद भी हार्दिक की एक भी मांग स्वीकार नहीं हुई। युवा पाटीदार नेता अब लोकतंत्र के लिए लड़ने की बात करने लगे हैं।

पाटीदार आरक्षण आंदोलन की सफलता को दोहराने में हार्दिक नाकाम रहे, वहीं सरकार व पुलिस की सख्ती का भी आंदोलनकारियों को सामना करना पड़ा। उपवास के मध्य में हार्दिक की बिगड़ती हालत को देखते हुए सरकार के झुकने के कयास थे, लेकिन मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने वार्ता की तैयारी नहीं दिखाई। उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल के विदेश दौरे के चलते ऊर्जा मंत्री सौरभ पटेल ने आंदोलनकारियों से मोर्चा लिया।

हार्दिक ने राज्य सरकार पर निरंकुशता का आरोप लगाते हुए कहा कि युवाओं को मरने के लिए छोड़ दिया। उनका दावा है कि उपवास के समर्थन में राज्य के साढ़े तीन हजार गांवों में रामधुन, रैली व प्रदर्शन हुए। पाटीदार समाज और मजबूत बना है और अब लोकतंत्र की लड़ाई को लेकर वह गांव-गांव जाएंगे।

Posted By: Sachin Mishra