विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अहमदाबाद के कॉलेज में 'पनवेल विवाद' के बाद छात्र-प्रोफेसर ने एक-दूसरे से मांगी माफी, कमेटी करेगी मामले की जांच

Published: Sat, 26 Sep 2026 10:15 AM (IST)

निरमा यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर द्वारा छात्र का कॉलर पकड़ने के वायरल वीडियो मामले में अब नया मोड़ आया है। दोनों ...और पढ़ें

अहमदाबाद कॉलेज विवाद।

अहमदाबाद कॉलेज विवाद।

HighLights

  1. प्रोफेसर ने मंच पर छात्र का कॉलर पकड़ा था।

  2. वायरल वीडियो के बाद दोनों ने माफी मांगी।

  3. यूनिवर्सिटी ने मामले की उच्च स्तरीय जांच बिठाई।

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात की निरमा यूनिवर्सिटी विवाद में अब एक नया मोड़ आ गया है। कुछ दिनों पहले यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर की तरफ से मंच पर सबके सामने एक छात्र का कॉलर पकड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गया था।

अब इस मामले में नया अपडेट यह आया है कि प्रोफेसर और छात्र दोनों ने एक-दूसरे से माफी मांग ली है। हालांकि, इसके बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

समझिए क्या है पूरा मामला?

बता दें कि यह घटना यूनिवर्सिटी के 'इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' के छात्रों की तरफ से 18 से 20 सितंबर तक आयोजित तीन दिवसीय फेस्ट 'टेक्नोफोरा 2026' के दौरान हुई।

ऐसे में एक स्टैंड-अप कॉमेडी एक्ट के बाद, विभाग के प्रमुख प्रोफेसर एच.के. पटेल मंच से दर्शकों को संबोधित कर रहे थे। तभी भीड़ में से एक छात्र ने फिल्म का एक मशहूर डायलॉग मारा, 'जल्दी कर, पनवेल निकलना है'।

स्टेज पर बुलाया और पकड़ा कॉलर

वायरल वीडियो में साफ-साफ देखा जा सकता है कि छात्र के इस टिप्पणी से नाराज होकर प्रोफेसर ने छात्र को मंच पर बुला लिया और फिर प्रोफेसर ने गुस्से में छात्र का कॉलर पकड़ लिया और उसे तमीज में रहने की हिदायत दी।

इतना ही नहीं वीडियो में प्रोफेसर यह कहते हुए भी सुनाई दिए कि मैं किसी भी हद तक जा सकता हूं। जिस दिन तुमने निरमा यूनिवर्सिटी कैंपस के किसी भी शिक्षक का अपमान करने की हिम्मत की, समझो तुम हमेशा के लिए गए।

एक्शन में यूनिवर्सिटी, छात्र और प्रोफेसर ने मांगी माफी

गौरतलब है कि मामला तूल पकड़ने के बाद यूनिवर्सिटी हरकत में आ गई है। निरमा यूनिवर्सिटी के महानिदेशक प्रोफेसर आर.एन. पटेल ने बताया कि विवाद बढ़ने के बाद प्रोफेसर और छात्र दोनों ने अपनी-अपनी गलती मानते हुए एक-दूसरे से माफी मांग ली है।

हालांकि आपसी सुलह के बावजूद यूनिवर्सिटी ने इसे अनुशासनहीनता और गंभीर मामला मानते हुए तीन सदस्यीय हाई-पॉवर कमेटी, जिसमें डीन और डायरेक्टर भी शामिल हैं, का गठन कर दिया है। यह कमेटी पूरे मामले की जांच करके सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि नियमों के तहत उचित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और कमेटी की सिफारिशों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।