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गुजरात सरकार ने पेश किया यूनिवर्सल एफिडेविट का प्रारूप, एक शपथ पत्र से हो जाएगा काम

Published: Tue, 02 Jun 2026 11:02 AM (IST)

गुजरात सरकार ने राज्यभर में सरकारी सेवाओं को सरल बनाने के लिए 'यूनिवर्सल एफिडेविट' प्रारूप पेश किया है। इससे नागरिकों ...और पढ़ें

यह फोटो एआई से बनाई गई है।

यह फोटो एआई से बनाई गई है।

HighLights

  1. गुजरात सरकार ने 'यूनिवर्सल एफिडेविट' प्रारूप किया पेश

  2. सरकारी सेवाओं को सरल और सुव्यवस्थित बनाने का प्रयास

  3. नागरिकों को अलग-अलग शपथ पत्र से मिलेगी मुक्ति

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुजरात सरकार ने सोमवार को राज्यभर में सरकारी सेवाओं को सरल और सुव्यवस्थित बनाने के प्रयासों के तहत मानकीकृत 'यूनिवर्सल एफिडेविट' प्रारूप पेश किया। वहीं, इससे पहले नागरिकों को विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा दी जाने वाली योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अलग-अलग शपथ पत्र जमा करने पड़ते थे, जिससे देरी होती थी।

यूनिवर्सल एफिडेविट लागू होने से विभिन्न सरकारी योजनाओं और प्रमाणपत्रों के लिए अलग-अलग शपथ पत्र बनवाने की समस्या से निजात मिलेगी। जिन मामलों में कानूनी रूप से शपथ पत्र की आवश्यकता होती है लेकिन कोई विशिष्ट प्रारूप निर्धारित नहीं किया गया है, उन मामलों में अब पूरे गुजरात में एक ही प्रारूप मान्य होगा।

आवेदकों को होगी आसानी

शपथ पत्र के नए प्रारूप को जिला, तालुका, ग्रामीण और शहरी स्तर पर कार्यरत सभी सरकारी कार्यालयों, प्राधिकरणों और सेवा केंद्रों द्वारा अनिवार्य रूप से स्वीकारा जाएगा। इसे डिजिटल गुजरात पोर्टल और सार्वजनिक सेवा केंद्रों पर भी लागू किया जाएगा ताकि ऑनलाइन आवेदकों को सुविधा मिल सके।

जिन सेवाओं के लिए शपथ पत्र प्रस्तुत करने की कानूनी आवश्यकता नहीं है, उनके लिए मौजूदा स्व-घोषणा प्रक्रिया जारी रहेगी। ऐसे मामलों में शपथ पत्र अनिवार्य नहीं होगा। नागरिकों की सुविधा के लिए आधिकारिक प्रारूप गुजराती और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में तैयार किया है।

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