Video: गुजरात के वलसाड में भारी बारिश से तबाही, घर-गाड़ियां सब डूबे; बाढ़ जैसे हालात
23 जुलाई 2026 को गुजरात के वलसाड जिले के वापी में 10 घंटों में 7.6 इंच मूसलाधार बारिश दर्ज की ...और पढ़ें
HighLights
वापी में 10 घंटों में 7.6 इंच मूसलाधार बारिश दर्ज।
दक्षिण गुजरात के कई इलाके भारी जलभराव से प्रभावित।
नवसारी के खेरगाम में सर्वाधिक 16.06 इंच बारिश।
राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC), गांधीनगर द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 23 July 2026 को गुजरात के कई जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है।
दक्षिण गुजरात के वलसाड जिले में मेघराजा ने अपना रौद्र रूप दिखाया है, जिससे औद्योगिक शहर वापी सहित कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।
वापी में 10 घंटों में 7.6 इंच बारिश
वलसाड जिले के महत्वपूर्ण शहर वापी में सुबह से ही बारिश का तांडव देखने को मिला। आंकड़ों के अनुसार, सुबह 6:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक वापी में कुल 193 मिलीमीटर यानी 7.6 इंच बारिश दर्ज की गई है।
वापी में बारिश की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दोपहर 12:00 से 2:00 बजे के बीच मात्र दो घंटों में ही 86 मिलीमीटर बारिश बरस गई। इससे पहले सुबह 6:00 से 8:00 बजे के बीच भी 58 मिलीमीटर बारिश हुई थी।
वलसाड के वापी से एक वीडियो सामने आया है जिसमें कई कारें पानी में डूबी हुई दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो में एक बिल्डिंग का पार्किंग एरिया पूरी तरह पानी में डूबा हुआ दिख रहा है और पानी का स्तर खिड़कियों तक पहुंच गया है।
वलसाड जिले की स्थिति
वापी के साथ-साथ वलसाड जिले के अन्य तालुकाओं में भी रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है। उमरगाम तालुका में सबसे अधिक 350 मिलीमीटर (13.78 इंच) बारिश दर्ज की गई।
वहीं, पारडी में 285 मिलीमीटर (11.22 इंच), वलसाड तालुका में 255 मिलीमीटर (10.04 इंच) और धरमपुर में 228 मिलीमीटर (8.98 इंच) बारिश हुई है। जिले के कपराडा में भी 211 मिलीमीटर बारिश के साथ जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
राज्य में खेरगाम और उमरपाड़ा टॉप पर
पूरे गुजरात की बात करें तो नवसारी जिले का खेरगाम 408 मिलीमीटर (16.06 इंच) बारिश के साथ पहले स्थान पर रहा। सूरत के उमरपाड़ा में भी 388 मिलीमीटर (15.28 इंच) की भारी वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा नवसारी के चिखली और गणदेवी में भी क्रमशः 13.11 इंच और 10.83 इंच बारिश हुई है।
भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने वापी और आसपास के क्षेत्रों में नागरिकों को सावधानी बरतने और जलमग्न रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी है। दक्षिण गुजरात की कई नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि देखी गई है।
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