नामांकन में आपराधिक केस छिपाना पड़ा भारी, भाजपा के राज्यसभा सांसद राजेश शुक्ला को गुजरात हाईकोर्ट का नोटिस
गुजरात उच्च न्यायालय ने भाजपा सांसद राजेश शुक्ला को उनके राज्यसभा नामांकन में आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने के आरोप ...और पढ़ें

भाजपा सांसद को हाईकोर्ट की नोटिस
HighLights
भाजपा सांसद राजेश शुक्ला को हाईकोर्ट ने नोटिस भेजा।
राज्यसभा नामांकन में आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई।
कांग्रेस विधायक तुषार चौधरी ने याचिका दायर की।
डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात से निर्विरोध राज्यसभा के सदस्य चुने गये भाजपा प्रत्याशी राजेश शुक्ला को अपने नामांकन में आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने के चलते गुजरात उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी किया है।
गुजरात विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता तुषार चौधरी की याचिका पर न्यायालय ने यह नोटिस जारी किया है। चौधरी की ओर से पूर्व सांसद एवं कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल एवं अधिवक्ता चिंतन चांपानेरी ने सांसद शुक्ला के नामांकन में खामी की बात न्यायालय के समक्ष रखी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शक्तिसिंह गोहिल ने बताया कि राज्यसभा सदस्य चुने गये राजेश शुक्ला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 465, 467, 468 तथा 471 के तहत आपराधिक मामला चल रहा था। शुक्ला की ओर से इस मामले को रद्द कराने के लिए उच्च न्यायालय में अपील की गई थी लेकिन उसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
हाल ही गुजरात से राज्यसभा सदस्य के रुप में चुने गये राजेश शुक्ला ने अपने नामांकन के साथ शपथ पत्र में इस आपराधिक जानकारी की बात छिपा ली थी। जून 2026 में शुक्ला गुजरात से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गये थे।
कांग्रेस नेता तुषार चौधरी की ओर से पूर्व सांसद शक्तिसिंह गोहिल तथा अधिवक्ता चिंतन चांपानेरी ने हाईकोर्ट के समक्ष शुक्ला के आपराधिक रिकार्ड की बात रखी और उनके निर्वाचन को रद्द करने की मांग की। न्यायाधीश एस वी पिंटो ने याचिकाकर्ता के तथ्यों की जांच के बाद सांसद शुक्ला को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
गोहिल ने बताया कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा प्रतयाशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन में इसी तरह की एक मामूली कमी को बताते हुए निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन खारिज कर दिया था।
