अहमदाबाद, जेएनएन। गुजरात में दो पहिया वाहनों पर हेल्मेट के कानून को स्थगित करने के अपने ही फैसले के खिलाफ यू-टर्न लेते हुए गुजरात सरकार ने कहा है कि राज्य में दोपहिया वाहनों पर हेल्मेट अनिवार्य है। गुजरात हाईकोर्ट में दोपहिया वाहनों पर हेल्मेट पहनने के मामले में एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने इस प्रकार की जानकारी दी है।

गुजरात हाईकोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ व न्यायाधीश ए जे देसाई ने गुजरात सरकार के विरोधाभासी रवैये पर आपत्ति जताते हुए कहा कि स्पष्ट करें कि दोपहिया वाहनो पर हेल्मेट अनिवार्य या नहीं। राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि दोपहिया वाहनों पर हेल्मेट पहनना अनिवार्य है। राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार के मोटरव्हीकल एक्ट-2019 के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया है। गुजरात हाईकोर्ट ने सरकार को हलफनामा दायर करने के लिए कहा है । इस संबंध में अगली सुनवाई 30 जनवरी के दिन निर्धारित की गई है।

सूरत के निवासी संजीप एजावा नामक युवक ने गुजरात हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका दायर कर कहा कि गुजरात सरकार ने शहरी क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों पर हेल्मेट पहनने के कानून को गत दिसम्बर महीने में स्थगित कर दिया है जबकि। केन्द्र के मोटर व्हीकल एक्ट -2019 की धारा-129 के तहत 50 सी.सी से अधिक क्षमता दोपहिया वाहनों के चलाने पर हेल्मेट पहनना अनिवार्य है।

राज्य सरकार केन्द्र के कानून में संशोधन नहीं कर सकती है। यदि ऐसा कुछ करना है तो इसके लिए संविधान के अनुच्छेद254 (2) के मुताबिक विधानसभा में पारित कानून को लागू करने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी लेनी पड़ती है। इसकी मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचना जारी कर नये कानून को लागू किया जा सकता है। लेकिन राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार के मोटर व्हीकल एक्ट पर इस प्रकार की कोई प्रक्रिया किए बिना ही राजकीय लाभ लेने के लिए अधिसूचना जारी कर हेल्मेट पहनने पर राहत दी है।

सरकारी आंकड़ो के मुताबिक वर्ष 2016 में भारत में सड़क दुर्घटना में हेल्मेट या सीट बेल्ट नहीं पहनने के कारण 35,975 लोगों की मौत हुई थी। जबकि वर्ष 2018 में यह संख्या बढ़कर 43,614 हो गई। इस तरह दो साल में इसमें तकरीबन 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।  

Posted By: Preeti jha

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