विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गुजरात चुनाव से पहले एक्शन में बीजेपी और कांग्रेस, विवादों को दरकिनार कर चुनावी तैयारी में जुटीं पार्टियां

Published: Wed, 23 Sep 2026 07:52 PM (IST)

गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने आंतरिक मुद्दों को सुलझाने में लगी हैं। भाजपा ने ...और पढ़ें

भाजपा ने भरूच और नर्मदा के जिलाध्यक्षों को आंतरिक विवाद पर हटाया।

भाजपा ने भरूच और नर्मदा के जिलाध्यक्षों को आंतरिक विवाद पर हटाया।

HighLights

  1. भाजपा ने भरूच और नर्मदा के जिलाध्यक्षों को आंतरिक विवाद पर हटाया।

  2. कांग्रेस सांसद गेनीबेन ठाकोर ने पार्टी प्रभारी की बैठक से किनारा किया।

  3. दीपावली पहले भाजपा व कांग्रेस में घर ठीक करने की कवायद

जागरण ब्यूरो, अहमदाबाद। गुजरात में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा व कांग्रेस ने अपने अपने घर ठीक करने की कवायद शुरु की है। भाजपा ने आंतरिक विवाद के चलते भरुच व नर्मदा के जिलाध्‍यक्षों को हटा दिया

वहीं कांग्रेस की एकमात्र सांसद गेनीबेन ठाकोर ने पार्टी प्रभारी की बैठक से किनारा कर विरोध के संकेत दिये हैं। कांग्रेस अध्‍यक्ष ने गत दिनों सांसद के निर्देश पर बनी जिले की कार्यकारिणी को भंग कर दिया था। गेनीबेन ने बताया है कि दिल्‍ली में आवश्‍यक कार्य होने के कारण में कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला की गांधीनगर महानगर पालिका चुनाव के संबंध में आयोजित बैठक में नहीं पहुंच सकी थी

गुजरात भाजपा अध्‍यक्ष पद पर जगदीश विश्‍वकर्मा की नियुक्ति के बाद नर्मदा व भरुच दो जिलों के अध्‍यक्ष को हटाना एक बडा कदम माना जा रहा है। नर्मदा जिलाध्‍यक्ष के खिलाफ स्‍थानीय विधायक एवं कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी थी, भाजपा खुद को कार्यकर्ता आधारित पार्टी बताती है ऐसे में जिले के अन्‍य नेता व कार्यकर्ता इस निर्णय के इंतजार में थे। नर्मदा में नील राव के बढते विरोध के चलते पूर्व मंत्री शब्‍दशरण तडवी को जिलाध्‍यक्ष नियुक्‍त किया गया है।

भरुच में आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा की मजबूत होती पकड भाजपा के लिए चिंता का कारण बनी हुई है, गत लोकसभा चुनाव में वरिष्‍ठ नेता मनसुख वसावा ने संसदीय सीट पर कब्‍जा बरकरार रखा लेकिन उनकी जीत का अंतर घट गया था।

भाजपा मनसुख वसावा के बाद की लीडरशिप को तैयार कर रही है इसलिए जिलाध्‍यक्ष प्रकाश मोदी के स्‍थान पर परेश लाड को अध्‍यक्ष बनाया गया है। वन‍कर्मियों के साथ मारपीट व ि‍फरौती के केस में चैतर वसावा व उनकी पत्‍नी पिछले कई दिनों से वडोदरा मध्‍यस्‍थ जेल में बंद हैं।

विधानसभा के मानसून सत्र के लिए उन्‍हें अंतरिम जमानत पर छोडा गया था लेकिन वापस जेल जाते समय उन्‍होंने अपने मासूम बेटे को गोद में लेकर जिस तरह विदा हुए उससे लोगों में सहानुभूति का ज्‍वार उमड पडा था। गुजरात कांग्रेस अध्‍यक्ष अमित चावडा भी पार्टी में कई तरह के सुधार के प्रयास कर रहे हैं लेकिन इससे बनासकांठा सांसद गेनी बेन ठाकोर के करीबी पूर्व सांसद गुलाबसिंह राजपूत नाराज हो गये।

दरअसल गत दिनों राजपूत ने जिला कार्यकारिणी का गठन किया था, इसे प्रदेश अध्‍यक्ष ने भंग कर दिया था। कांग्रेस के मुख्‍य प्रवक्‍ता मनीष दोशी बताते हैं कि गैरसमझ के कारण ऐसा हुआ। जिला कार्यकारिणी का गठन प्रदेश आलाकमान की स्‍वीक्रति से होता है जिसकी पालना नहीं की गई थी। पार्टी नेताओं के बीच एक गैर समझ बनी थी जो अब दूर हो गई है।

दिल्‍ली में आवश्‍यक कार्य होने के कारण में कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला की गांधीनगर महानगर पालिका चुनाव के संबंध में आयोजित बैठक में नहीं पहुंच सकी थी, प्रदेश आलाकमान के साथ हमारी कोई नाराजगी नहीं है। प्रदेश कांग्रेस में सब ठीक ठाक है।