गुजरात चुनाव से पहले बदले सियासी सेनापति, भाजपा ने तरुण चुग तो कांग्रेस ने सुरजेवाला को सौंपी कमान
गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने तरुण चुग और कांग्रेस ने रणदीप सुरजेवाला को अपना प्रभारी नियुक्त किया है।

गुजरात में भाजपा ने तरुण चुग तो कांग्रेस ने सुरजेवाला को सौंपी कमान

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
शत्रुघ्न शर्मा, अहमदाबाद। गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी भाजपा व प्रमुख विपक्ष कांग्रेस तैयारी में जुटे हैं वहीं आम आदमी पार्टी व प्रजाशक्ति पार्टी भी कमर कस रही है।
पूर्वमुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला अपनी प्रजाशक्ति पार्टी के बैनर तले सभी 182 सीट पर चुनाव लडने का ऐलान करते हुए कहा है कि कांग्रेस में शामिल होने का वक्त बीत चुका है।
भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात में प्रभारी के पद पर तरुण चुग की नियुक्ति की है, चुग पूर्व सांसद हैं तथा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व भाजपा की विचारधारा में रचे बसे हैं।
चुग को जम्मू कश्मीर व लद्दाख जैसे संवेदनशील राज्यों के प्रभारी रह चुके हैं। उधर कांग्रेस ने भी सांसद मुकुल वासनिक के स्थान पर सांसद रणदीप सुरजेवाला को गुजरात कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया है।
भाजपा ने तरुण चुग को गुजरात चुनाव प्रभारी बनाया
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 2017 में चुनाव प्रभारी रहते सुरजेवाला प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी रह चुके हैं। कांग्रेस ने एक बार पिफर राज्य में गहलोत व सुरजेवाला की जोडी को सक्रिय कर दिया है। हाल ही गहलोत ने गुजरात की यात्रा कर पार्टी की चुनावी तैयारी का जायजा लिया।
उन्होंने यहां जातिगत जनगणना को लेकर केंद्र की नीयत पर सवाल उठाकर माहौल बनाने का भी प्रयास किया लेकिन इस चुनाव में कौनसे मुद्दे हावी होंगे इस पर प्रमुख राजनीतिक दल भी संशय में हैं। वैसे भाजपा व कांग्रेस जेन जी को मनाने की भरसक कोशिश कर रहे हैं।
नेता विपक्ष राहुल गांधी के छात्रों की गूंज का टक्कर देने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्र छात्राओं के साथ सच्चाई की गूंज जैसा एक कॉन्सेप्ट बेस्ड कार्यक्रम भी किया।
आप किसे उतारेगी मैदान में?
आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा की जेल यात्रा के कारण पार्टी चर्चा में है और पार्टी के नेता ईसूदान गढवी व विधायक गोपाल इटालिया भी काफी दौरे कर रहे हैं लेकिन भाजपा आप को सौराष्ट्र में फैलने से रोकने का हर संभव प्रयास कर रही है।
वैसे वसावा के चलते आप ने नर्मदा व भरुच में पैर जमा लिय और विधायक इटालिया ने भी सौराष्ट्र की एक सीट जीतकर सौराष्ट्र में सेंध तो लगाई है। पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला ने कहा है कि वे करीब छह माह से कांग्रेस के जवाब का इंतजार कर रहे थे लेकिन कांग्रेस ने उनकी कांग्रेस में वापसी में कोई रुचि नहीं दिखाई।
वाघेला ने अब अपनी प्रजाशक्ति पार्टी के बैनर पर सभी 182 सीट लडने का ऐलान कर दिया है। वाघेला बीते दो विधानसभा चुनाव अलग अलग फ्रंट से लडा रहे हैं लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिल पाई है।
वाघेला ने कहा है कि वो भाजपा को सत्ता से हटाना चाहते हैं और उनकी कोई इच्छा नहीं है। उनके मैदान में रहने से वोट का बंटवारा होता हो तो उसकी चिंता कांग्रेस या अन्य दल करें यह उनकी चिंता नहीं है।
