गुजरात: हर्ष संघवी ने 158 शरणार्थियों को सौंपे भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने दीवाली से पहले 158 पाकिस्तानी शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे। इनमें से ...और पढ़ें

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भारत की नागरिकता का प्रमाण पत्र सौंपते हुए।
HighLights
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 158 शरणार्थियों को नागरिकता दी।
126 को CAA, 32 को जिला कलेक्टर से प्रमाण पत्र।
पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों को भारत में मिला सुरक्षित भविष्य।
डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने दीवाली से ठीक पहले पाकिस्तान से आकर भारत के नागरिक बनने का सपना देख रहे 158 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे। इनमें से 126 को नागरिकता संशोधन कानून के तहत भारत की नागरिकता मिली है जबकि 32 को जिला कलेक्टर के माध्यम से यह प्रमाण पत्र मिला।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि पाकिस्तान से वापस भारत में आकर शरणार्थी के रूप में रह रहे डेढ सौ से अधिक महिला पुरुषो को दीपावली से ठीक 20 दिन पहले भारत की नागरिकता मिली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय ग्रहमंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम बनाकर पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश आदि देशों में बसे हिन्दु, जैन, सिक्ख, बौद्ध, पारसी धर्मावलंबियों के भारत की नागरिकता पाने का एक और रास्ता खोल दिया।
इन देशों में धार्मिक कट्टरता का सामना करने वाले परिवारों को भारत में बेहतर भविष्य बनाने का मौका मिला है। देश में शरणार्थियों के रूप में रह रहे परिवारों के बच्चों के लिए सीएए ने सुरक्षित व उज्जवल भविष्य सुरक्षित कर दिया है।
उपमुख्यमंत्री संघवी ने समारोह में 158 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे। इनमें से 126 को नागरिकता संशोधन कानून के तहत भारत की नागरिकता मिली है जबकि 32 को जिला कलेक्टर के माध्यम से यह प्रमाण पत्र मिला।
पाकिस्तान से आकर भारत में बसने वाली निर्मलाजी, कुंवरबेन तथा नंदलाल ने भावुक होते हुए बताया कि यहां आकर उन्हें अपने घर जैसा ही लगा। सिंध से यहां आई दिव्यांग लडकी धारा ने राज्य व राष्ट्रीय टेबल टेनिस में कई उपलब्धी हासिल की है।
समारोह में शहरी विकास मंत्री दर्शना वाघेला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह पड़ोसी देशों में बसे हिन्दू परिवारों को भारत में सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के लिए ही सीएए जैसा कानून लेकर आए। भारत में बसकर हिन्दू परिवार जिम्मेदारियों के साथ अधिकार पूर्वक जीवन बिता सकेंगे। समारोह में विधायक पायल कुकराणी भी मौजूद रहीं।
नागरिकता पंजीकरण विभाग निदेशक सुजल मायत्रा ने बताया कि सीएए से वर्ष 2019 के बाद से पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश में बसे अल्पसंख्यक समुदाय के परिवारों के लिए भारत की नागरिकता पाने का एक और मार्ग खुल गया। उन्होंने बताया कि अब तक 15 सौ लोगों को भारत की नागरिकता दी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि सिटीजनशिप एक्ट 1955 के तहत 2017 से 2025 के बीच अकेले अहमदाबाद जिले में 12 सौ लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान की गई।
